BSP MLA Raid News: लखनऊ में BSP विधायक उमाशंकर सिंह के घर आयकर विभाग की छापेमारी हुई। समधी और यूपी सरकार के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए संवेदनशीलता बरतने की अपील की।
BSP MLA Raid News : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बहुजन समाज पार्टी (BSP) के विधायक उमाशंकर सिंह के घर आयकर विभाग की टीम ने छापा मारा है। कार्रवाई से राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। खास बात यह है कि यूपी सरकार में मंत्री दिनेश प्रताप सिंह की बेटी की शादी विधायक के परिवार में हुई है। मंत्री ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए नाराजगी जताई।
जानकारी के अनुसार, आयकर विभाग की टीम बुधवार सुबह लखनऊ के गोमतीनगर इलाके में स्थित विधायक उमाशंकर सिंह के आवास और कार्यालय पर पहुंची। इस दौरान 50 से अधिक आयकर अधिकारी और पुलिसकर्मी मौजूद रहे। अधिकारियों ने घर और दफ्तर से जुड़े दस्तावेजों की जांच शुरू की। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और घर के अंदर और बाहर आवाजाही पर नजर रखी गई।
आपको बता दें, रसड़ा (बलिया) से विधायक उमाशंकर सिंह पिछले करीब दो साल से गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। उनकी हालत काफी नाजुक रही है और उनके दो बड़े ऑपरेशन भी हो चुके हैं। फिलहाल वे लखनऊ स्थित अपने घर में आइसोलेशन में रहकर इलाज करा रहे हैं। स्वास्थ्य कारणों से वे लंबे समय से सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर हैं। यहां तक कि विधानसभा का मौजूदा सत्र भी वे अटेंड नहीं कर पा रहे हैं। परिवार और डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है।
यूपी सरकार में मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने इस पूरे घटनाक्रम पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि विधायक उमाशंकर सिंह उनके समधी हैं और उनकी बेटी उसी घर में ब्याही है। मंत्री ने कहा कि उमाशंकर सिंह लंबे समय से जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं और उनका पूरा समय इलाज में बीत रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि इस समय उनके घर पर डॉक्टर और नर्स के आने-जाने पर भी रोक लगने की खबर चिंताजनक है। मंत्री ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि ऐसी कठिन परिस्थितियों में इस तरह की कार्रवाई संवेदनहीनता को दर्शाती है।
मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने अपने संदेश में कहा कि जब कोई व्यक्ति गंभीर बीमारी से जूझ रहा हो, तब सभी संस्थाओं को संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस समय विधायक के लिए सबसे महत्वपूर्ण उनकी जिंदगी और स्वास्थ्य है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि अगर इस कार्रवाई के कारण उनके स्वास्थ्य पर कोई विपरीत असर पड़ता है, तो यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण होगा। साथ ही उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि सभी संबंधित लोगों और संस्थाओं को सही निर्णय लेने की सद्बुद्धि मिले।
इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक गलियारों में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। क्योंकि एक तरफ आयकर विभाग की जांच चल रही है, वहीं दूसरी तरफ मंत्री का पारिवारिक रिश्ता होने के कारण मामला और अधिक चर्चा में आ गया है। फिलहाल सभी की नजर आयकर विभाग की जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है।