बुलंदशहर हिंसा में मारे गए पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध सिंह मामले में जहां यूपी सरकार विपक्षियों के निशाने पर हैं, तो वहीं आईपीएस असोसिएशन ने भी इस मामले में बयान जारी किया।
लखनऊ. बुलंदशहर हिंसा में मारे गए पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध सिंह मामले में जहां यूपी सरकार विपक्षियों के निशाने पर है, तो वहीं आईपीएस असोसिएशन ने भी इस मामले में बयान जारी किया। पूरा आईपीएस असोसिएशन अपने सहयोगी पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध सिंह की हत्या से गम में हैं। असोसिएशन ने इस मामले की कड़ी निंदा की है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
आईपीएस असोसिएशन ने कहा यह-
आईपीएस असोसिएशन के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर इस मामले पर लिखा गया है कि पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध सिंह पर हुए घातक हमले की हम निंदा करते हैं। विघटनकारी भीड़ आंदोलनों में उजागर हुई उनकी बहादुरी और जोखिमों को हम याद करते हैं। हम अपराधियों और हिंसा फैलाने वालों के खिलाफ सबसे सख्त कार्रवाई की मांग करते हैं। इस घटना के बाद पुलिस अधिकारियों में भी खौफ है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी आईपीएस असोसिएशन के इस ट्वीट को अपने ट्विटर अकाउंट से रिट्वीट किया है।
यह था मामला-
आपको बता दें कि 3 दिसंबर को गोकशी के कारण भड़की हिंसा में ड्यूटी पर तैनात इंस्पेक्टर सुबोध सिंह पर हमला हुआ जिससे उनकी मौत हो गई। मामले में तूल पकड़ते देरी नहीं हुई और मृतक के परिवारजनों समेत विपक्षियों ने भाजपा सरकार को कानून व्यवस्था को बनाए रखने के दावों पर सवाल उठाए। वहीं अगले ही दिन सुबोध सिंह के परिवारवालों को 50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता की यूपी सरकार की ओर से घोषणा की गई।
सीएम योगी ने इस मामले को लेकर मंगलवार रात बैठक बुलाई जिसमें उठी हिंसा के मुख्य कारण गोकशी की रोकथाम व मामले में दोषियों की धरपकड़ के निर्देश दिए।