
लखनऊ. केंद्र सरकार इसी साल नई शिक्षा नीति लागू करने जा रही है। नई शिक्षा नीति के मसौदे पर देश में जगह-जगह चर्चाएं हो रही है। लखनऊ विश्वविद्यलाय (lucknow university) के मालवीय सभागार में कल यानि 28 जून को नई शिक्षा नीति के मसौदे पर चर्चा होगी। भारतीय भाषा मंच के पदाधिकारियों के मुताबिक अगर नई शिक्षा नीति को केंद्र सरकार मान लेती हैं तो शिक्षक परिक्षण यानी बीएड डीएलएड और बीटीसी bed DELED जैसे कोर्स को करने वाले युवाअों को अनिवार्य रूप से सरकारी या गैर सरकारी नौकरी मिलेगी। इसके साथ ही बीएड में प्रवेश लेने वाले युवाअों को स्कॉलरशिप भी दी जाएगी। नए शिक्षक नीति में कहा गया है कि टीईटी यानि टीचर एबिलिटी टेस्ट (Teacher eligibility test) निजी स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए भी अनिवार्य होगा।
भारतीय भाषा मंच के राष्ट्रीय संयोजक प्रो. बीपी जैन ने बताया कि नई शिक्षका नीति में शिक्षकों के सम्मान की जोरदार सिफारिश की गई है। इसलिए मसौदे में शिक्षकों को अध्यापन पर जोड़़ दिया गया है अौर उन्होंने हर हाल में ट्रेनिंग के बाद नौकरी देने की सिफारिस की गई है। नई शिक्षा नीति केंद्र सरकार के पास विचाराधीन है अौर इस पर देश भर से सुझाव मांगे जा रहे है। इसी क्रम में लखनऊ में उत्तर प्रदेश के शिक्षाविदों अौर अनेक कुलपतियों का जमावड़ा हो रहा है।
भारतीय भाषा मंच के राष्ट्रीय संयोजक प्रो. वृषभ प्रसाद जैन ने बताया कि अम्बेडकर केंद्रीय विवि के कुलपति प्रो.संजय सिंह,रूहेलखंड विवि के कुलपति प्रो.अनिल कुमार शुक्ला शिक्षविद अमिता वाजपेयी समेत तमाम विवि के संकायाध्यक्ष, प्राचार्य,अध्यापक, निदेशक आदि कार्यक्रम में अपने विचार रखेंगे । कार्यशाला में हुए विचार विमर्श और सुझावों को शिक्षा नीति 2019 के मसौदे में शामिल करने का प्रयास किया जाएगा।