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प्रतीक यादव से किसने की थी पैसों की डिमांड? किस के खिलाफ करवाया था केस दर्ज, निधन के बाद अब आगे क्या?

Prateek Yadav Latest News: अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव से पैसों की डिमांड किसने की थी? उन्होंने किस के खिलाफ केस दर्ज किया था? जानिए पूरा मामला है क्या?

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लखनऊ

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Harshul Mehra

May 18, 2026

prateek yadav case update who demanded money what next after his death know whole matter lucknow

प्रतीक यादव के निधन के बाद भी बंद नहीं होगा केस, PC- Prateek Yadav Instagram Profile

Prateek Yadav Latest News: मुलायम सिंह यादव के बेटे प्रतीक यादव (Prateek Yadav) के निधन के बाद उनके द्वारा दर्ज कराए गए एक चर्चित केस को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रतीक यादव के निधन के बाद भी यह मामला बंद नहीं किया जाएगा। केस की विवेचना पहले की तरह जारी रहेगी और जांच प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

पुलिस के मुताबिक, इस मामले में प्रतीक यादव का बयान पहले ही दर्ज किया जा चुका था। उन्होंने लिखित रूप में अपना पक्ष पुलिस को दिया था, जो अब अहम साक्ष्य के तौर पर मौजूद है। इसके अलावा उनकी ओर से कई दस्तावेज भी जांच एजेंसियों को सौंपे गए थे, जिनकी जांच अभी जारी है।

हजरतगंज ट्रांसफर हुई विवेचना

सहायक पुलिस आयुक्त विकास जायसवाल की माने तो आईटी एक्ट से जुड़े मामलों की जांच इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी करते हैं, लेकिन वर्तमान में गौतमपल्ली थाना प्रभारी एसओ पद पर होने की वजह से इस मामले की विवेचना हजरतगंज ट्रांसफर कर दी गई है। आपको बताते हैं ये पूरा मामला आखिर है क्या?

रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े थे प्रतीक यादव

दरअसल, प्रतीक यादव रियल एस्टेट और प्रीमियम जिम कारोबार से जुड़े हुए थे। बीते साल 13 जुलाई 2025 को उन्होंने लखनऊ के गौतमपल्ली थाने में एक बड़ा मुकदमा दर्ज कराया था। प्रतीक यादव ने रियल एस्टेट कंपनी मोनल इंफ्रा के निदेशक कृष्णानंद पांडेय, उनकी पत्नी वंदना पांडेय और पिता अशोक पांडेय के खिलाफ धोखाधड़ी, रंगदारी और आईटी एक्ट के तहत शिकायत दर्ज कराई थी। उनका आरोप था कि आरोपियों ने शहीद पथ के पास जमीन में निवेश के नाम पर उनसे करोड़ों रुपये लिए थे।

हिसाब मांगने पर मांगी 4 करोड़ की रंगदारी

शिकायत के मुताबिक, जब प्रतीक यादव ने निवेश की रकम और हिसाब-किताब मांगा तो आरोपियों ने उनसे 4 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी। उन्होंने आरोप लगाया था कि रकम देने से इनकार करने पर उन्हें पॉक्सो एक्ट में फंसाने और सोशल मीडिया पर बदनाम करने की धमकी दी गई।

2011-12 में हुई थी मुलाकात

प्रतीक यादव ने पुलिस को बताया था कि उनकी मुलाकात कृष्णानंद पांडेय से साल 2011-12 में हुई थी। इसके बाद मुनाफे का झांसा देकर उनसे बड़ी रकम निवेश कराई गई और बाद में करोड़ों रुपये हड़प लिए गए।

दस्तावेजों और बयानों के आधार पर आगे बढ़ेगी जांच

पुलिस का कहना है कि केस से जुड़े दस्तावेज, लिखित बयान और अन्य साक्ष्य पहले से रिकॉर्ड में मौजूद हैं। ऐसे में प्रतीक यादव के निधन के बावजूद मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।