योगी सरकार ने दो महीने का विशेष वरासत अभियान चला रखा है यूपी में अब तक आए 6,87,442 ऑनलाइन आवेदनों में से 6,45,623 को निस्तारित कर दिया गया है
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
लखनऊ. खतौनी में नाम दर्ज कराने में समस्या आ रही तो परेशान होने की जरूरत नहीं। बए एक फोन घुमाइये और आपकी परेशानी दूर। जी हां, यूपी सरकार ने वरासत अभियान के दौरान खतौनी में नाम दर्ज कराने में आने वाली समस्याओं के समाधान के लिये हेल्पलाइन नंबर 0522-2620477 जारी किया है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सूबे में 15 दिसम्बर 2020 से 15 फरवरी 2021 तक दो माह का विशेष वरासत अभियान चला रखा है। इसका मकसद प्रदेश में 10,8000 राजस्व गांवों में लंबित पड़े वरासत के मामलों का निपटारा करना है।
वरासत के मामलों का पंजीकरण राजस्व विभाग की वेबसाइट पर जाकर कराया जा सकता है या फिर इसके लिये जनसेवा केन्द्रों की मदद ली जा सकती है। इसके बाद अगर किसी प्रकार की दिक्कत आती है तो जारी किये गए हेल्पलाइन नंबर पर काॅल कर सहायता ली जा सकती है। आप चाहें तो abhiyanvarasat@gmail.com पर मेल भी कर सकते हैं।
राजस्व परिषद के अध्यक्ष दीपक त्रिवेदी ने वरासत अभियान को सीएम योगी की प्राथमिकताओं में से एक बताते हुए सभी जिलाधिकारियों को वरासत अभियान को पूरे मनोयोग से चलाए जाने को कहा है। उन्होंने बताया है कि अब तक अभियान के तहत 6,87,442 ऑनलाइन आए। इनमें से 6,45,623 आवेदनों को निस्तारिक कर दिया गया है। बाकी आवेदनों के निस्तारण की प्रक्रिया जारी है और इसे जल्द से जल्द करने का निर्देश दिया गया है।
उन्होंने सभी मंडलायुक्तों को भी कहा है कि वो जिले में दर्ज और निस्तारित होने वाले वरासत के मामलों की सुनवाई करें। समय सीमा के बाद कोई भी प्रकरण लंबित न रहे इस बात का भी खास खयाल रखने को कहा है। बताते चलें कि ग्रामीण इलाकों में सम्पत्ति और वरासत को लेकर होने वाले विवाद को खत्म करने के लिये योगी सरकार ने ये अभियान चला रखा है। एक ओर खतौनी के विवाद का निपटारा कराने की कवायद चल रही है तो दूसरी ओर देश में पहली बार गांव में रहने वालों को उनके घरों का मालिकाना हक 'घरौनी’ प्रमाण पत्र दिया जा रहा है ताकि आबादी में भी किसी प्रकार का सम्पत्ति का विवाद होने की गुंजाइश न रह जाए।
खतौनी ऑनलाइन ऐसे देखें