
IAS अनुराग यादव CEC ज्ञानेश कुमार से उलझे, PC- Patrika
लखनऊ : मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान हुई तीखी बहस के बाद यूपी कैडर के 2000 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अनुराग यादव को पश्चिम बंगाल में चुनाव पर्यवेक्षक (Observer) के पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है।
महज 10 दिन पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्हें आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग से हटाकर समाज कल्याण एवं सैनिक कल्याण विभाग में ट्रांसफर कर दिया था। अब चुनाव आयोग की इस कार्रवाई के बाद अनुराग यादव लगातार चर्चा में बने हुए हैं।
अनुराग यादव 30 मार्च 2026 तक आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के प्रमुख सचिव थे। उनका अचानक तबादला एक विवादित 25,000 करोड़ रुपये के MoU को लेकर हुआ था।
'AI PUCH' नामक कंपनी के साथ किए गए इस करार की जांच में कंपनी महज कागजों पर अस्तित्व वाली पाई गई। इस मामले पर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने योगी सरकार और नौकरशाही पर तीखा हमला बोला था। विवाद बढ़ने के बाद सरकार ने अनुराग यादव को आईटी विभाग से हटा दिया था।
सूत्रों के अनुसार, पश्चिम बंगाल में चुनाव पर्यवेक्षक के रूप में तैनात अनुराग यादव का मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान काफी तीखा वाद-विवाद हो गया। बहस के कुछ ही घंटों बाद चुनाव आयोग ने उन्हें तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया।
अनुराग यादव मूल रूप से आजमगढ़ जिले के रहने वाले हैं। 2000 बैच के यूपी कैडर के आईएएस अधिकारी अनुराग यादव ने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है।
अनुराग यादव को प्रशासनिक कार्यों में सख्त और मेहनती अधिकारी माना जाता है, लेकिन पिछले कुछ समय से वे विवादों में घिरे हुए हैं। चुनाव आयोग की इस कार्रवाई से प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है।
Updated on:
09 Apr 2026 08:14 pm
Published on:
09 Apr 2026 08:14 pm
