भारत में एलआईसी को लेकर इन दिनों चर्चाएँ बहुत तेज हो रही हैं। फिर चाहे एलआईसी का आईपीओ हो या या एलआईसी की नई पॉलिसी। इस बीच एक ऐसे चर्चा भी हर व्यक्ति की ज़ुबान पर है कि, एक एलआईसी एजेंट का एक साल का कमीशन 4 करोड़ रु से भी अधिक है। यानी सिर्फ एलआईसी की पॉलिसी बेचकर इन्हें एलआईसी से इतना कमीशम मिलता है जो एलआईसी चेयरमैन की सैलरी से भी ज्यादा है।
भारत में एलआईसी को लेकर इन दिनों चर्चाएँ बहुत तेज हो रही हैं। फिर चाहे एलआईसी का आईपीओ हो या या एलआईसी की नई पॉलिसी। इस बीच एक ऐसे चर्चा भी हर व्यक्ति की ज़ुबान पर है कि, एक एलआईसी एजेंट का एक साल का कमीशन 4 करोड़ रु से भी अधिक है। यानी सिर्फ एलआईसी की पॉलिसी बेचकर इन्हें एलआईसी से इतना कमीशम मिलता है जो एलआईसी चेयरमैन की सैलरी से भी ज्यादा है। देश में सबसे ज्यादा कमीशन पाने वाले भरत पारेख मूलतः नागपूर (महाराष्ट्र) के रहने वाले हैं। भरत पारेख एक साधारण से परिवार के रहने वाले थे। अपने शुरुआत समय में इन्होने साइकिल भी चलाई। लेकिन अब देश भर में जीवन बीमा की पॉलिसी बेचने के मशहूर हैं। साथ ही सबसे ज्यादा कमीशन वाले पहले एजेंट हैं।
कैसे की थी LIC में शुरुआत
भरत पारेख ने बातचीत के दौरान बताया कि नागपुर के अख़बारों में छपने वाली मौत की सूचनाओं और श्मशान घाटों को खंगालते थे। फिर उनके दुख में शामिल होकर उनसे बात करते थे। यदि उन्होने एलआईसी की पॉलिसी कराई है तो उसका भुगतान जल्द से जल्द बिना किसी देरी के हो जाए इसके लिए प्रयास करते थे।
परिवार को पैसा दिलाने के लिए कोई कमीशन नहीं लेते
भरत पारेख कहते हैं कि "मृतक के रिश्तेदारों और दोस्तों से मिलते हैं और अपने बारे में बताते हैं. फिर मरने वाले के जीवन बीमा की रक़म जल्द से जल्द पाने में आप उनकी मदद करने में जुट जाते हैं। अपना विज़िटिंग कार्ड उनके पास छोड़ देते हैं। तेरहरवीं हो जाने के बाद कुछ परिवार उन्हें फ़ोन करते हैं लेकिन अधिकांश लोगों से घर जाकर खुद ही मिलते हैं. डेथ क्लेम समय पर सेटल हो जाए. लोगों का पैसा एलआईसी से दिलाने के लिए मैं कोई पैसा नहीं लेता।
पिता की मौत के बाद एलआईसी से जुड़े, परिवार को पैसा चाहिए
पारेख लोगों से पूछते हैं कि किसी की मौत से उनके परिवार पर क्या वित्तीय असर हुए। क्या उनके ऊपर कोई उधार हैं, क्या उन्होंने पर्याप्त राशि का जीवन बीमा लिया हुआ है और क्या उनके पास बचत या कोई निवेश है? वो कहते हैं, "मैं किसी की मौत से परिवार पर होने वाले असर को समझता हूँ. मैंने अपने पिता को तब खोया था जब मैं बहुत छोटा था."
क्या है एलआईसी
भारतीय जीवन बीमा निगम लिमिटेड सरकारी इन्स्योरेंस कंपनी है। जिसकी बीमा पॉलिसी काफी पॉपुलर है. यह सरकारी संस्था है जिस कारण लोगों का भरोसा भी काफी ज्यादा है. वहीं एलआईसी लोगों की बीमा करने के लिए एजेंट रखती है. इन एजेंट्स को एलआईसी की ओर से प्रत्येक बीमा पॉलिसी पर कमीशन भी दिया जाता है.