UP Politics: लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी पश्चिम से पूर्वांचल तक पिछड़ों और दलितों के बीच अपनी पैठ बनाना चाहता है। इसके लिए बीजेपी ने अभी से ही गेमप्लान बनाना शुरू कर दिया है। आइए जानते हैं पूरा प्लान।
UP Politics: आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए सभी राजनीतिक दलों ने रणनीति तैयार करना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में लोकसभा चुनाव में बीजेपी को हराने के लिए देश की 26 विपक्षी पार्टियों ने एकजुट हो कर एक गठबंधन बनाया है। वहीं, 18 जुलाई को सत्तारूढ़ बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन ने केंद्र में तीसरी बार सरकार बनाने का संकल्प लिया है। लोकसभा चुनाव को लेकर बीजेपी ने अपना गेम प्लान तैयार कर लिया है। आइए जानते हैं बीजेपी का गेम प्लान….
कहा जाता है कि दिल्ली की सत्ता यूपी से होकर जाती है। दरअसल, यूपी में 80 लोकसभा सीटें हैं। ऐसे में सभी दलों का फोकस यूपी पर होता है कि ज्यादा से ज्यादा सीटें यहां से जीती जाएं। बीजेपी यू तो दो बार यूपी की जनता का दिल जीतने में कामयाब हुई है। हालांकि, इस बार राज्य की क्षेत्रीय पार्टी सपा और कांग्रेस की गठजोड़ उन्हें परेशान कर सकती है। साथ ही विपक्षी एकता की पहल अगर आगामी लोकसभा चुनाव तक रहती है तो बीजेपी के चुनावी समीकरण को बिगाड़ सकती है।
लोकसभा की सभी 80 सीटें जीतने का बीजेपी का लक्ष्य
बीजेपी ने 2024 के लिए अपना टारगेट यूपी में सभी 80 सीटें जीतने का रखा है। इसके लिए एक-एक विधानसभा क्षेत्र स्तर पर समीकरण सुधारे जा रहे हैं। ताकि जब चुनाव हो तो सब बीजेपी के पक्ष में हो। बीजेपी की नजर इस समय सपा और आरएलडी के उन पिछड़ों और दलित नेताओं पर है। जिनके जरिए दलितों और पिछडों के बीच अपनी पैठ बना सके।
इसी कड़ी में बीजेपी ने कल यानी सोमवार को बसपा के पूर्व राज्यसभा सदस्य राजपाल सैनी, सपा सरकार में मंत्री रहे साहब सिंह सैनी, जगदीश सोनकर, पूर्व विधायक सुषमा पटेल और पूर्व सांसद अंशुल वर्मा, शालिनी यादव, पूर्व विधायक गुलाब सरोज जैसे बड़े नेता पार्टी में शामिल हुए। ये वे नेता हैं जो अपने बिरादरी में खास प्रभाव रखते हैं।
सैनी समाज में पैठ बनाना चाहती है बीजेपी
पश्चिमी यूपी में सैनी समाज का बड़ा वोट बैंक है। इसी के चलते राज्यसभा के पूर्व सदस्य राजपाल सिंह सैनी को बीजेपी में शामिल कराया गया है। 2022 विधानसभा चुनाव में राज पाल सैनी ने खतौली से रालोद प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा था।
बीजेपी ने पश्चिम के साथ पूर्वांचल को भी साधा है। पूर्वांचल में कुर्मी और सैनी समाज अच्छी तदाद में हैं। इसमें सबसे बड़ा दांव जौनपुर में लगाया है। जौनपुर के मुंगराबादशाहपुर सीट से सपा विधायक रहीं सुषमा पटेल कुर्मी समाज से हैं। पार्टी पूर्वांचल में कुर्मी समाज में अपना जनाधार बढ़ाना चाहती है। पूर्व विधायक जगदीश सोनकर चार बार विधायक रहे हैं। पूर्वांचल के सोनकर समाज में उनकी मजबूत पकड़ है।
शालिनी यादव बीजेपी में शामिल हुई
वाराणसी संसदीय सीट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ 2019 लोकसभा चुनाव में सपा के टिकट पर चुनाव लड़ने वाली शालिनी यादव ने भी बीजेपी का दामन थाम लिया है। शालिनी कांग्रेस के पूर्व सांसद और राज्यसभा में पूर्व उपसभापति रहे श्याम लाल यादव की पुत्रवधू हैं। 2019 में शालिनी यादव ने कांग्रेस छोड़कर समाजवादी पार्टी ज्वाइन की थी। जिस दिन शालिनी ने सपा की सदस्यता ग्रहण की थी, उसी दिन सपा ने उन्हें पीएम मोदी के खिलाफ लोकसभा का उम्मीदवार बना दिया था। हालांकि, उससे पहले वह कांग्रेस के टिकट पर वाराणसी में मेयर का चुनाव भी लड़ चुकी हैं। शालिनी भी पिछड़े वर्ग से ताल्लुक रखती हैं।
कई और नेता बीजेपी में होंगे शामिल
इसके अलावा आगरा में दक्षिण विधानसभा से बसपा की टिकट पर चुनाव लड़ने वाले रवि भारद्वाज और बसपा से खेरागढ़ से चुनाव लड़ने वाले गंगाधर कुशवाहा ने भी बीजेपी की सदस्यता ग्रहण कर ली है। सूत्रों की मानें तो लोकसभा चुनाव से पहले बसपा और सपा के कई नेता बीजेपी में शामिल होंगे। इसके लिए अंदरखाने बातचीत चल रही है।