लखनऊ

अब 20 साल पुराने निजी वाहन को सरकार कर लगी जब्त, पर देगी ढेर सारी छूट, जानें क्यों?

Scrap Policy : यूपी में करीब 21 लाख वाहन हैं कबाड़, लखनऊ में सबसे अधिक

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Aug 15, 2021
20 साल पुराने निजी वाहन को सरकार कर लगी जब्त, पर देगी ढेर सारी छूट, जानें क्यों?

लखनऊ. Scrap Policy केंद्रीय स्क्रैप पॉलिसी तहत लखनऊ में लगभग साढ़े तीन लाख वाहन आएंगे। जिसमें करीब सवा तीन लाख निजी वाहन जिसमें दोपहिया व चार पहिया वाहन शामिल हैं। वहीं, 15 हजार के करीब व्यवसायिक वाहन पर कबाड़ नीति लागू होगी। इन वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा। स्क्रैप पॉलिसी में 20 साल पुराने निजी वाहन और 15 वर्ष साल पुराने व्यवसायिक वाहन आएंगे। विंटेज गाड़ियों को स्क्रैप पॉलिसी से छूट है।

वैसे तो यूपी में करीब तीन करोड़ वाहन हैं। इनमें से 20 लाख से अधिक वाहन स्क्रैप पॉलिसी के दायरे में आएंगे। इन वाहनों को आने वाले समय में कबाड़ नीति के तहत सरेंडर करना होगा। इसके बाद मिले प्रमाण पत्र के जरिए नई गाड़ी खरीदने पर टैक्स में छूट मिलेगी। इस व्यवस्था से गाड़ी मालिकों को नुकसान नहीं होगा। बल्कि इसमें लाभ भी बताए गए हैं। इनमें वाहनों की बिक्री का नगद पैसा मिलेगा। साथ ही प्रमाण पत्र दिया जाएगा, जिसे दिखाकर टैक्स में 25 फीसद तक की छूट मिलेगी। यही नहीं पंजीकरण शुल्क भी वाहन स्वामियों ने नहीं लिया जाएगा।

उत्तर प्रदेश में 21,23,813 पुराने वाहन :- उत्तर प्रदेश में 21,23,813 पुराने वाहन हैं। इनमें पंजीकृत नॉन ट्रांसपोर्ट वाहनों की संख्या लगभग 19,20,229 है। वहीं, ट्रांसपोर्ट वाहन करीब 2,03,584 गाड़ियां हैं। वहीं लखनऊ में पुराने पंजीकृत वाहन की संख्या में ट्रांसपोर्ट वाहन 14,223 और नॉन ट्रांसपोर्ट गाड़ियां टीपीनगर आरटीओ में 3,22,854 है। वहीं देवा रोड एआरटीओ 9,213 गाड़िया है। इस हिसाब से कुल वाहनों की संख्या 3,46,290 है।

कबाड़ नीति गाइडलाइन का इंतजार :- आरटीओ लखनऊ रामफेर द्विवेदी ने बताया है कि, कबाड़ नीति का ऐलान हो चुका है। बस गाइडलाइन का इंतजार है। आने के बाद ही आगे की कार्यवाही सुनिश्चित कराई जाएगी। विभाग तय गाइड लाइन के तहत कदम बढ़ाएगा। फिलहाल अभी वाहन स्वामियों को परेशान होने की जरूरत नहीं है।

Published on:
15 Aug 2021 06:47 pm
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