नगर निगम में 50 साल बाद बंपर भर्तियां निकलने वाली हैं, नगर निगम में 5000 से अधिक भर्तियां होंगी, भर्तियां कर्मचारियों के रिक्त पदों को भरने के लिए की जाएगी।
लखनऊ. जिले में नगर निगम में 50 साल बाद बंपर भर्तियां निकलने वाली हैं। नगर निगम में 5000 से अधिक भर्तियां होंगी। यह भर्तियां कर्मचारियों के रिक्त पदों को भरने के लिए की जाएगी। राज्यपाल ने मुख्यमंत्री से इसे दूर करने की सिफारिश की है। बीते माह महापौर ने राज्यपाल को ज्ञापन देकर कर्मचारियों की कमी को दूर करने की मांग की थी। इस पर राज्यपाल राम नाईक ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इस संबंध में पत्र लिखा है।
शहर की आबादी इस समय करीब 35 लाख मानी जाती है। मगर नगर निगम में जो कर्मचारी हैं वह 1960 की आबादी के हिसाब से हैं। तब से अब आबादी भी करीब 4 गुना हो गई है मगर शहर की व्यवस्थाओं को चलाने वाले कर्मचारियों की संख्या बढ़नी तो दूर उतनी भी नहीं है जो 50 साल पहले की आबादी के हिसाब से होनी चाहिए। सबसे ज्यादा कर्मचारियों की कमी तो शहर की सफाई करने वाले की है। नगर निगम कर्मचारी संघ के अध्यक्ष आनंद वर्मा का कहना है कि कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने के लिए लगातार संगठन मांग कर रहा है। यह मांग निगम प्रशासन से लेकर शासन तक हुई है। राज्यपाल के पत्र ने एक उम्मीद पैदा कर दी है। महापौर संयुक्ता भाटिया कहती है कि कर्मचारियों की नियुक्ति हो जाए तो काम भी सुधरेगा और कार्यदाई व ठेकेदारों में जो फर्जीवाड़ा बढ़ रहा है वह भी बंद हो जाएगा।राज्यपाल ने कर्मचारियों की कमी को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री से सिफारिश की है। यह शहर को संवारने और स्मार्ट बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।
कितने पद हैं खाली
सफाई नायक 400 की संख्या में चाहिए जिसमें से 61 लोग ही काम कर रहे हैं। ड्राईवर की मांग 400 है जिसमें से 36 लोग ही काम कर रहे हैं। दावा ऑनलाइन का कंप्यूटर ऑपरेटर एक भी नहीं है। वहीं मार्ग प्रकाश के लिए लाइनमैन चाहिए जिसमें 80 में से 10 कार्यरत हैं। दफ्तरी के 24 और जमादार के 8 पद होने चाहिए पर एक भी नहीं है। इस वक्त 6000 सफाई कर्मचारी हैं जबकि जरूरत 110 हजार की है।