
Crime Love Affair Child Murder: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने समाज, कानून और इंसानियत तीनों को झकझोर कर रख दिया है। एक मां ने अपने अवैध प्रेम संबंधों को छुपाने और पति को झूठे आरोप में फंसाने के लिए अपनी ही 7 साल की मासूम बेटी की हत्या कर दी। यह दर्दनाक घटना लखनऊ के कैसरबाग थाना क्षेत्र के खंदारी बाजार इलाके में घटित हुई।
पुलिस के अनुसार आरोपी महिला रोशनी खान की शादी करीब आठ साल पहले शाहरुख खान नामक युवक से हुई थी। इस विवाह से उन्हें एक बेटी हुई, जिसकी उम्र अब सात साल थी। कुछ वर्षों तक यह दंपती सामान्य जीवन जीता रहा, लेकिन वक्त के साथ उनके रिश्तों में खटास आने लगी। इस बीच, रोशनी का संपर्क उदित जायसवाल नामक युवक से हुआ और जल्द ही यह संपर्क प्रेम संबंधों में बदल गया। पति शाहरुख से दूरी बनाने के बाद रोशनी अपनी बेटी के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में उदित के साथ रहने लगी। परिवार से दूरी और सामाजिक बंधनों से आजादी पाने के लिए उसने न सिर्फ अपनी बेटी को इस नए संबंध में साथ रखा, बल्कि पति से पूरी तरह दूरी बना ली।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रोशनी को डर था कि यदि उसका पति शाहरुख बच्ची की कस्टडी के लिए अदालत का सहारा लेता है या सामाजिक रूप से उसे घेरता है, तो उसका नया रिश्ता और स्वतंत्र जीवन संकट में आ सकता है। साथ ही, समाज में बदनामी की आशंका भी उसे थी।
ऐसे में उसने न सिर्फ अपनी मासूम बेटी को रास्ते से हटाने की योजना बनाई, बल्कि अपने पति को बदनाम करने की भी साजिश रची। वारदात के दिन उसने पहले से योजना बनाकर अपनी बच्ची की गला दबाकर हत्या कर दी और इसके बाद खुद पुलिस को कॉल करके बताया कि उसके पति ने बेटी की हत्या कर दी है।
सूचना मिलते ही कैसरबाग थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल की बारीकी से जांच शुरू की। शुरुआती पूछताछ में रोशनी बार-बार अपने बयान बदलने लगी। कभी वह कहती कि पति छिपकर आया था, तो कभी कहती कि उसने दरवाजा तोड़ा। उसकी बातें बेतुकी और संदिग्ध प्रतीत हो रही थीं। पुलिस ने मौके से कोई जबरन घुसपैठ या मारपीट के प्रमाण नहीं पाए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने महिला से सख्ती से पूछताछ की, तो वह टूट गई और उसने जुर्म कबूल कर लिया।
पुलिस ने आरोपी महिला रोशनी खान को तत्काल हिरासत में ले लिया और उसके प्रेमी उदित जायसवाल से भी पूछताछ की जा रही है। हालांकि, प्रारंभिक जांच में उदित का सीधा संलिप्तता का कोई प्रमाण नहीं मिला है, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कई कोणों से जांच कर रही है।
पुलिस उपायुक्त पश्चिमी ने बताया कि महिला के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 (हत्या) और 211 (झूठा आरोप) के तहत केस दर्ज किया गया है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि क्या उसने अपने प्रेमी को बचाने के लिए पति को फंसाने की योजना अकेले रची थी या किसी की मिलीभगत थी।
यह मामला केवल एक अपराध नहीं, बल्कि समाज में बढ़ते नैतिक पतन और पारिवारिक ढांचे के विघटन की एक डरावनी तस्वीर भी प्रस्तुत करता है। एक मां, जो सामान्यतः सुरक्षा और स्नेह का प्रतीक होती है, जब खुद अपनी औलाद की हत्यारिन बन जाए, तो सवाल सिर्फ कानून पर नहीं, समाज के नैतिक मूल्यों और रिश्तों की पवित्रता पर भी उठते हैं। मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, ऐसी घटनाएं उन लोगों में देखी जाती हैं जो अत्यधिक आत्मकेंद्रित हो जाते हैं और भावनात्मक रूप से असंतुलित होते हैं। रोशनी का व्यवहार भी इसी श्रेणी में आता है।
घटना के बाद खंदारी बाजार इलाके में लोगों में गहरा आक्रोश और शोक है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने रोशनी को एक सामान्य महिला के रूप में देखा था, जो अपनी बेटी के साथ अकेली रहती थी। किसी को यह अंदेशा नहीं था कि वह इतनी बड़ी साजिश रच सकती है। बच्ची की निर्मम हत्या से पूरे मोहल्ले में मातम छा गया है। कुछ लोगों ने इसे 'मानवता पर कलंक' बताया तो कुछ ने कहा कि "यह रिश्ता कलंकित हुआ है, जिसे मां कहा जाता है।"