लखनऊ

लखनऊ यूनिवर्सिटी तैयार करेगा पूजा-पाठ करने वाले पुरोहित

लखनऊ यूनिवर्सिटी में जल्द ही पूजा-पाठ करने वाले पुरोहित तैयार होंगे।

3 min read
Mar 25, 2018

लखनऊ. लखनऊ यूनिवर्सिटी में जल्द ही पूजा-पाठ करने वाले पुरोहित तैयार होंगे। दरअसल विश्वविद्यालय अब पूजा पाठ कराने के लिए कर्मकाण्डी पुरोहित भी तैयार करेगा। दरअसल लखनऊ यूनिवर्सिटी में एक विशेष पाठ्यक्रम शुरू किया जा रहा है। खास बात ये है कि इन आधुनिक कर्मकाण्डी पुरोहितों के पास वैदिक मंत्रों व पूजा विधि के साथ अंग्रेजी और कम्प्यूटर का ज्ञान भी होगा। नए शैक्षिक सत्र में लखनऊ विवि में एक विशेष पाठ्यक्रम शुरू किया जा रहा है।

जुलाई से होगी सत्र की शुरुआत

ये भी पढ़ें

video:अग्नि सुरक्षा सप्ताह को लेकर निकाली जागरूकता रैली

प्रो. सिंह ने बताया कि जुलाई से इसकी शुरुआत होगी। उन्होंने बताया कि इस पाठ्यक्रम की फीस कम होगी। इतना ही नहीं, कोई शैक्षिक योग्यता के अलावा उम्र की बाध्यता न रखने का फैसला लिया गया है। ताकि, ज्यादा से ज्यादा लोग इसका लाभ उठा सकेंगे। एलयू वीसी प्रो. एसपी सिंह ने कहा कि केवल भारत में ही नहीं दूसरे देशों में पूजा पाठ कराने के लिए कर्मकाण्डी पुरोहितों का काफी मांग है। मौजूदा समय की इस मांग को देखते हुए इस पाठ्यक्रम की शुरुआत करते हुए इसे अंग्रेजी और कम्प्यूटर के ज्ञान को भी जोड़ा जाएगा।

अपडेट होगा ज्योतिर्विज्ञान विभाग

इस सत्र से नए पाठ्यक्रम को शुरू करने के साथ ही ज्योतिर्विज्ञान विभाग को भी अपडेट करने की तैयारी हो रही है। ज्योतिर्विज्ञान विभाग के छात्र मंत्रों के उच्चारण के साथ ही फर्राटेदार अंग्रेजी बोलते नजर आएंगे। पारम्परिक ज्ञान के साथ विभाग को कम्प्यूटर से जोड़ा जाएगा। छात्रों को आधुनिक तकनीकी से भी रूबरू कराया जा सके। लविवि में शैक्षिक सत्र 2001-02 में इस विभाग की शुरुआत की गई थी। फिलहाल, यह सेल्फ फाइनेंस मोड पर संचालित है। इसे रेगुलर कराए जाने की मांग को लेकर विभाग की ओर से कई बार प्रस्ताव भेजा गया लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला है।

डीयू जैसा सिलेबस होगा

लखनऊ विश्वविद्यालय के सोशल वर्क विभाग में अब छात्रों को स्नातक में दिल्ली विश्वविद्यालय और जामिया मीलिया इस्लामिया जैसे विश्वविद्यालय का सिलेबस पढ़ने को मिलेगा। विभाग ने अपने सिलेबस में बदलाव की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जहां, सिलेबस को वर्तमान प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपयोगी बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए 27 और 28 मार्च को विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय स्तर की कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है जहां, देशभर के कई बड़े विश्वविद्यालयों से विशेषज्ञ शामिल होने जा रहे हैं।

सिलेबस में हुआ बदलाव

लखनऊ विश्वविद्यालय में लागू हो रही सेमेस्टर व्यवस्था के चलते सिलेबस में बदलाव किया जा रहा है। अभी तक सोशल वर्क विभाग में स्नातक पाठ्यक्रम में किसी भी तरह का फील्ड वर्क शामिल नहीं होता था। सिर्फ परास्नातक में छात्र फील्ड में काम करने जाते थे लेकिन, नए सिलेबस के हिसाब से छात्र-छात्रओं को स्नातक में भी अब फील्ड से जोड़ा जाएगा। इसके तहत उन्हें किसी स्वयं सेवी संस्था या कोई अन्य संस्था के साथ जुड़कर काम करने का मौका मिलेगा। इसके अलावा, वह अपने क्षेत्र में भी काम कर सकेंगे। उन्हें इसकी रिपोर्ट विभाग में उपलब्ध करानी होगी।

एलयू के सवाल पर उठे सवाल

लखनऊ यूनिवर्सिटी की परीक्षा में आए एक सवाल पर कई सवाल उठ रहे हैं। दरअसल एलयू ने परीक्षा में ही यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो. सुरेंद्र प्रताप सिंह से संबंधित सवाल पूछ लिया। बता दें कि लखनऊ यूनिवर्सिटी की बीए/बीएससी प्रथम वर्ष की परीक्षाएं चल रही हैं। इसी दौरान फिजिकल एजुकेशन की परीक्षा में एक सवाल के तहत पूछा गया कि लखनऊ यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो. सुरेन्द्र प्रताप सिंह हैं या नहीं। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने भी गलती को स्वीकार किया है। इसके बाद परीक्षा कंट्रोलर एके शर्मा ने पेपर सेट करने वाली कमेटी से इसका जवाब मांगा है। लखनऊ यूनिवर्सिटी के प्रवक्ता एनके पांडे ने बताया कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं हुआ तो जिसने भी पेपर सेट किया होगा, उसके खिलाफ कारवाई की जाएगी।

ये भी पढ़ें

लखनऊ बनेगा पहला शहर जहां पान मसाला और सिगरेट बेचने के लिए लेना होगा लाइसेंस
Published on:
25 Mar 2018 12:25 pm
Also Read
View All