लखनऊ

‘अकेले चुनाव लड़ेगी बसपा!’ मायावती का बड़ा ऐलान: यूपी और उत्तराखंड में नहीं होगा कोई गठबंधन

Mayawati: बसपा चीफ मायावती ने मंगलवार को ऐलान किया कि उनकी पार्टी आने वाले उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब के विधानसभा चुनाव अकेले लड़ेगी। उनकी पार्टी किसी के साथ गठबंधन नहीं करेगी।
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Aug 25, 2026
BSP chief Mayawati
बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती (फाइल फोटो)

Mayawati Press Conference: बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने महत्वपूर्ण ऐलान किया है कि पार्टी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब के विधानसभा चुनाव अकेले लड़ेगी। मायावती ने मंगलवार को अपने आधिकारिक ट्वीट के जरिए प्रेस रिलीज साझा करते हुए इस फैसले की घोषणा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन तीनों राज्यों में बसपा किसी भी गठबंधन में शामिल नहीं होगी और अच्छा परिणाम लाने का संकल्प लिया गया है।

संगठन की लंबी बैठक के बाद फैसला

यह निर्णय लखनऊ कार्यालय में हुई पार्टी संगठन की लंबी बैठक के बाद लिया गया। बैठक में मायावती ने पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि बसपा कर्मठ और ईमानदार उम्मीदवारों को टिकट देगी। यूपी और उत्तराखंड में उम्मीदवार चयन में पारदर्शिता बरती जाएगी तथा संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत किया जाएगा। पंजाब में पार्टी अपने जनाधार को बढ़ाने पर विशेष फोकस करेगी।

कांशीराम जयंती और जनकल्याणकारी दिवस

मायावती ने 9 अक्टूबर को बसपा के संस्थापक कांशीराम की जयंती देशभर में बड़े पैमाने पर मनाने का ऐलान किया। साथ ही 15 जनवरी 2027 को अपने जन्मदिन के मौके पर जनकल्याणकारी दिवस आयोजित करने का फैसला लिया गया। इस दौरान पिछली बार से अधिक आर्थिक सहयोग जुटाया जाएगा ताकि अंबेडकरवादी विचारधारा का प्रसार हो और बसपा आंदोलन मजबूत हो।

कार्यकर्ताओं का मनोबल बनाए रखने का आह्वान

बैठक में मायावती ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे अफवाहों से बचें और अपना मनोबल ऊंचा रखें। उन्होंने कहा कि विरोधियों द्वारा यह प्रचार किया जाएगा कि अकेले लड़ने से सीटें और वोट प्रतिशत कम होंगे। ऐसे में साम, दाम, दंड और भेद जैसी सभी हथकंडों का डटकर सामना करना होगा। पंजाब की जनता आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और भाजपा की सरकारों से त्रस्त है, इसलिए बसपा को वहां बदलाव का विकल्प बनना है।

गठबंधन का इतिहास और हालिया प्रदर्शन

आपको बता दें कि 2019 लोकसभा चुनाव में बसपा ने समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन किया था, जिसमें बसपा को 10 और सपा को 5 सीटें मिली थीं। चुनाव के बाद मायावती ने गठबंधन से अलग होने का फैसला लिया था। इसके बाद पार्टी लगातार अकेले चुनाव लड़ रही है। 2022 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बसपा को सिर्फ एक सीट मिली थी जबकि 2024 लोकसभा चुनाव में एक भी सांसद नहीं जीत सका।

गठबंधन की राजनीति से बसपा दूर

मायावती के इस ऐलान से साफ है कि बसपा तीनों राज्यों में स्वतंत्र रूप से अपनी ताकत आजमाएगी। पार्टी संगठन को मजबूत करने, ईमानदार उम्मीदवार चुनने और जनाधार बढ़ाने पर जोर देगी। यह फैसला आगामी विधानसभा चुनावों में बसपा की रणनीति को स्पष्ट करता है।

Updated on:
25 Aug 2026 02:38 pm
Published on:
25 Aug 2026 02:38 pm