
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
CM Yogi Adityanath Statement: उत्तर प्रदेश में चीनी की बढ़ती कीमतों और कालाबाजारी की चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में पर्याप्त चीनी स्टॉक होने का दावा किया है। राजधानी लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि राज्य में चीनी की कोई कमी नहीं है। उन्होंने बड़ा दावा करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के पास अगले 7 महीने तक के लिए चीनी का पर्याप्त स्टॉक पूरी तरह से उपलब्ध है।
सीएम योगी ने कहा आज कल देश-भर में चीनी की शार्टेज की बात हो रही है लेकिन, यूपी में ऐसा नहीं है। यूपी में हर महीने 4 लाख टन की खपत है, हमारे पास 28 लाख टन मौजूद है। 15 अक्तूबर से चीनी मिल फिर से शुरू करेंगे तो 90 लाख टन उत्पादन फिर से शुरू हो जाएगा। यानी हम प्रदेश ही नहीं देश के करोड़ों लोगों का पेट भी भर सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान पिछली सरकारों विशेषकर समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों के एजेंडे में किसान और युवा कभी थे ही नहीं। सीएम योगी ने याद दिलाते हुए कहा कि साल 2014 और 2015 में हुदहुद तूफान आने पर तत्कालीन सरकार ने किसानों को मुआवजे की घोषणा तो कर दी थी लेकिन वह मुआवजा असल में साल 2017 में हमारी सरकार बनने के बाद किसानों तक पहुंचा था।
योगी आदित्यनाथ ने अपनी सरकार की कार्यप्रणाली बताते हुए कहा कि आज प्रदेश में अतिवृष्टि और अनावृष्टि जैसी प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में किसानों को केवल 24 घंटे के भीतर मुआवजा दे दिया जाता है। उन्होंने राजनीतिक विरोधियों पर तंज कसते हुए कहा कि केवल भारत माता की जय बोलने से जय नहीं होती बल्कि अपनी जिम्मेदारी का सही से निर्वहन करना पड़ता है। सरकार को हमेशा इस बात पर विचार करना चाहिए कि किसानों की आय को कैसे बढ़ाया जाए और हम उसी दिशा में काम कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हमारी ही सरकार है जिसमें पहली बार यूपी के किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी का सही दाम मिला है। साल 2017 से पहले प्रदेश का गन्ना किसान पूरी तरह से तबाह था और 2009 से उनका भारी बकाया फंसा हुआ था जिसे हमारी सरकार ने चुकाया। उन्होंने सपा और बसपा सरकारों पर चीनी मिलें बंद करने का आरोप लगाते हुए कहा कि गोरखपुर में एक चीनी मिल को महज तीन करोड़ रुपये में बेच दिया गया था जबकि उसकी जमीन और कबाड़ की कीमत ही इससे कहीं ज्यादा थी।
Updated on:
25 Aug 2026 01:33 pm
Published on:
25 Aug 2026 01:33 pm
