
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (PC: ANI)
CM Yogi Action on Sugar Hoarding: उत्तर प्रदेश में चीनी की बढ़ती कीमतों और जमाखोरी की शिकायतों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। सीएम योगी ने एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान यूपी के सभी जिलाधिकारियों को चीनी की कालाबाजारी और ओवरप्राइसिंग करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता को आश्वस्त किया है कि यूपी में चीनी की कोई कमी नहीं है इसलिए किसी को भी घबराने या परेशान होने की जरूरत नहीं है।
जमाखोरी रोकने के लिए सीएम योगी ने भारत सरकार के निर्देशों का हवाला देते हुए कड़े नियम लागू किए हैं। अब कोई भी डीलर एक समय में 400 टन से ज्यादा चीनी का भंडारण नहीं कर सकेगा और ना ही 30 दिन से अधिक समय तक चीनी रोक कर रख सकेगा। इसके अलावा हर महीने 10 मीट्रिक टन चीनी की खपत करने वाले थोक उपभोक्ता भी 15 दिन से अधिक का स्टॉक नहीं रख सकेंगे। वहीं चीनी मिलों को भी सख्त निर्देश हैं कि वे बेची गई चीनी को बिक्री की तारीख से 7 दिन से ज्यादा अपने गोदाम में नहीं रख सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश की चीनी मिलों में इस समय 179 लाख क्विंटल से ज्यादा चीनी का भारी स्टॉक मौजूद है। इनमें सहकारी मिलों में 23 लाख क्विंटल से ज्यादा, निगम की मिलों में 5 लाख क्विंटल से ज्यादा और निजी मिलों में 150 लाख क्विंटल चीनी उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि जून और जुलाई के महीने में चीनी मिलों ने 235 लाख क्विंटल चीनी बेची है जिसमें से ज्यादातर चीनी अभी भी खुले बाजार में मौजूद है। अगर जरूरत पड़ी तो 15 अक्टूबर से ही चीनी मिलों का संचालन दोबारा शुरू कर दिया जाएगा।
सीएम योगी ने जनता से अपील की है कि वे चीनी की कमी की बात कहकर भ्रम और अफवाह फैलाने वालों से पूरी तरह सावधान रहें। उन्होंने अधिकारियों को ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने को कहा है। इसके साथ ही सभी जिलाधिकारियों को यह निर्देश भी दिया गया है कि वे अपने अपने जिलों की पंजीकृत चीनी मिलों और थोक व खुदरा विक्रेताओं के गोदामों का भौतिक सत्यापन कराएं ताकि स्टॉक की सही हकीकत सामने आ सके। कृत्रिम कमी पैदा करने वालों की सूचना तत्काल शासन को देने के निर्देश भी दिए गए हैं।
समीक्षा बैठक में यह जानकारी भी दी गई कि आने वाले पेराई सत्र में गन्ने की खेती का दायरा बढ़ने वाला है। पेराई सत्र 2026 और 2027 में लगभग 28 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गन्ने की बंपर खेती होने का अनुमान लगाया गया है। इससे प्रदेश में करीब 90 लाख टन चीनी के शानदार उत्पादन की उम्मीद है जिससे भविष्य में भी प्रदेशवासियों को चीनी की किसी भी तरह की कमी नहीं होगी।
Updated on:
22 Aug 2026 07:49 pm
Published on:
22 Aug 2026 07:49 pm
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