
लखनऊ. मायावती 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर काफी सक्रिय नज़र आ रही हैं। उन्होंने बुधवार कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए बयान दिया है कि इस बार भाजपा के डर से कांग्रेस मुस्लिम समाज के लोगों को टिकट देने से डर सकती है, जबकि बसपा ने फैजाबाद तक में मुस्लिम उतारे हैं। यह काम कोई और पार्टी नहीं कर सकती। यह हमारे मूवमेंट की ताकत व व्यापक पहचान का उदाहरण है। मायावती ने अपने बयान में कहा कि बसपा कभी किसी के हाथ का खिलौना नहीं बन सकती। कोई भी कुर्सी मुझे डिगा नहीं सकती। वर्ष 2003 में मुख्यमंत्री और 2017 में राज्यसभा से मेरा इस्तीफा इसकी नजीर है। बावजूद इसके कांग्रेस बसपा को बर्बाद करने में बीजेपी से भी दो कदम आगे बढ़ गई है।
कांग्रेस की रस्सी जल गई लेकिन बल नहीं गया : मायावती
मायावती ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए बाबासोहब भीमराव आंबेडकर से लेकर कांशीराम तक की उपेक्षा और अपमान का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को गलतफहमी तो है उनका अहंकार भी सर चढ़ बोल रहा है कि वह अकेले बीजेपी को हरा देगी। जबकि कांग्रेस की जातिवादी व भ्रष्टाचार की नीतियों को कड़ी सजा देने के बाद अब भी जनता माफ करने के मूड में नहीं है। उलटे, बीएसपी ने कांग्रेस का साथ देकर बदनामी अलग झेली। बावजूद कांग्रेस ने शुक्रगुजार होने के बजाय धोखा दिया व पीठ में छूरा भोंका। ताज कारिडोर मामले को कांग्रेस ने राजनीतिक स्वार्थ के चलते लंबे समय तक उलझाए रखा। इसके बाद भी बीजेपी को रोकने के लिए बीएसपी अगर कांग्रेस संग गठबंधन को तैयार थी तो यह कम नहीं है। कांग्रेस की रस्सी जल गई लेकिन बल नहीं गया।
मायावती ने कहा कि पिछले अनुभव बताते हैं कि जहां भी कांग्रेस से मुकाबला है वहां बीजेपी आसानी से जीतकर सरकार बना लेती है। फिर भी विपक्षी पार्टियों को आगे करना तो दूर सही सूझ-बूझ के साथ ईमानदारी से गठबंधन के लिए भी कांग्रेस तैयार नहीं लगती। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात जैसे राज्यों में कांग्रेस की इस गलत नीतियों के चलते ही लंबे समय से बीजेपी सत्ता में बनी है। इसके बावजूद भी कांग्रेस मध्य प्रदेश व राजस्थान में अड़ियल रवैया अपनाते हुए मामूली सीटें देने पर टिकी रही। इसलिए बीएसपी ने बीजेपी को रोकने के लिए हरियाणा और छत्तीसगढ़ में स्थानीय दलों संग गठबंधन किया है। वहीं, मध्य प्रदेश और राजस्थान में पार्टी अकेले चुनाव लड़ेगी।
सोनिया-राहुल चाहते हैं गठबंधन
मायावती ने कहा कि सोनिया गांधी व राहुल गांधी तो गठबंधन चाहते हैं लेकिन उनके नेताओं ने सब गड़बड़ कर दिया है। गठबंधन को लेकर कांग्रेस का रवैया बेहद खराब है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि -रस्सी जल गई लेकिन ऐठन नहीं गई। कांग्रेस को गलतफहमी है कि वे अकेले बीजेपी का सामना कर लेगी। ये हास्यासपद है। कांग्रेस का रवैया बेहद अड़ियल रहा है। राजस्थान, एमपी व छत्तीसगढ़ की जनता बीजेपी को अब मौका नहीं देना चाहती। हमने क्षेत्रीय पार्टियों के साथ मिलकर चुनाव लड़ने का फैसला लिया। उन्होंने साफ कर दिया कि कांग्रेस के साथ किसी भी प्रदेश में कोई गठबंधन नहीं होगा।