यूएस-इण्डिया इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि प्रदेश में ट्रांसफर-पोस्टिंग का काम एक बड़े कारोबार की तरह प्रचलित रहा है।
लखनऊ. राजधानी लखनऊ में यूएस-इण्डिया इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में प्रदेश सरकार के मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में ट्रांसफर-पोस्टिंग का काम भी एक बड़े कारोबार की तरह प्रचलित रहा है। उन्होंने कहा कि अकेले उनके अपने स्वास्थ्य विभाग में ट्रांसफर-पोस्टिंग की 100 करोड़ की इंडस्ट्री संचालित हो रही थी। मंत्री ने कहा कि अब उत्तर प्रदेश में ऐसा नहीं हो रहा है। यूपी में योगी आदित्यनाथ की सरकार आ जाने के बाद इन चीजों पर रोक लगने का मंत्री ने दावा किया। दरअसल उत्तर प्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर आयोजित कॉन्क्लेव में बोलते हुए मंत्री पिछली सरकार की कानून-व्यवस्था को प्रदेश में औद्योगिक निवेश की निष्क्रियता के लिए जिम्मेदार ठहरा रहे थे।
पिछली सरकारों पर जातिवाद का आरोप
राजधानी लखनऊ में आयोजित यूएस-इण्डिया इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में बोलते हुए प्रदेश सरकार के मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पिछली सरकारों में विदेशी कंपनियों को निवेश के लिए प्रोत्साहन देने का काम नहीं हुआ है। पिछली सरकारों और वर्तमान सरकारों की कार्यशैली में भी मंत्री ने अंतर बताया और कहा कि पिछली सरकारों में जातिवादी भावना से काम किया जाता था। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों में संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिशें हुई।
कंपनियों को बेहतर माहौल देने का वादा
अमेरिकी कंपनियों के प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों में कानून-व्यवस्था खराब थी। उन्होंने कहा कि अब उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार चल रही है। इस सरकार में भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टालरेंस की नीति अपनाई जा रही है। मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में निवेश करने की इच्छुक कंपनियों को सरकार हर तरह का सहयोग करेगी। हमारी सरकार पुराने तरीके से काम नहीं करती है। यूपी में बीस सालों से कोई इंडस्ट्रियल पॉलिसी नहीं बनी। अब ऐसा नहीं है। कंपनियों को यहां काम करने के लिए बेहतर माहौल मिलेगा।
मुख्य सचिव ने भी किया सम्बोधित
लखनऊ में आयोजित कॉन्क्लेव में अमेरिका की बीस से अधिक कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। इस कार्यक्रम में नीति आयोग के सदस्य व भारत और उत्तर प्रदेश सरकार के कई विभागों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दूसरे सत्र में प्रदेश के मुख्य सचिव राजीव कुमार ने अमेरिकी कंपनियों के प्रतिनिधियों को सम्बोधित किया। उन्होंने कंपनियों को हर संभव मदद और सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।