बसपा उम्मीदवार को जिताने में निभा सकते हैंं बड़ी भूमिका।
लखनऊ. बसपा के उम्मीदवार को राज्यसभा में पहुंचाने के लिए पार्टी के बाहुबली विधायक बाजी पलट सकते हैं। इस बाहुबली विधायक कीहर पार्टी में अच्छी पकड़ है। सूत्रों की मानें तो मऊ से बसपा विधायक मुख्तार अंसारी बसपा सुप्रीमो मायावती द्वारा राज्यसभा के लिए बनाए गए बसपा उम्मीदवार भीमराव अंबेडकर को जिताने के लिए कमर कस लिए हैं।
बांदा जेल में बंद मुख्तार अंसारी को वोट देने आना है। ऐसे में माना जा रहा है कि मुख्तार अंसारी सपा और अन्य पार्टियों के कई विधायकों को बसपा के पक्ष में कर के बाजी पलट सकते हैं और भाजपा को नौंवी सीट पर हराने में कामयाब हो सकते हैं। अब मुख्तार अंसारी कितना कामयाब होंगे यह तो समय ही बताएगा। लेकिन इतना तो तय है कि राज्यसभा का यह चुनाव जैसे जैसे नजदीक आता जा रहा है। चुनाव भी दिलचस्प होता जा रहा है।
वैसे राजनीति में कब क्या होगा यह कहना मुश्किल है। लेकिन बसपा के उम्मीदवार को जिस तरह से जिताने के लिए सपा और बसपा लगी है उससे चुनाव का परिणाम क्या होगा यह कहना मुश्किल होगा। वहीं भाजपा भी अपने उम्मीदवार को लेकर कमर कस चुकी है।
विधानसभा में सीटों की स्थिति
उत्तर प्रदेश विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी 312 सीटें हैं और उनके सहयोगियों की १२ सीटें है। इस तरह बीजेपी के पास देखा जाए तो 324 सीटें हैं। वहीं समाजवादी पार्टी के पास 47, बसपा के पास 19, कांग्रेस के पास 07 सीटें हैं। राज्यसभा में एक सदस्य को भेजने के लिए कुल 37 विधायकों के वोटों की जरूरत होगी। संख्या बल को देखा जाए तो बीजेपी अपने आठ सदस्यों को आसानी से राज्यसभा भेज सकती है। बीजेपी अगर निर्दलीय विधायकों और दूसरे दलों के विधायकों का समर्थन हासिल करती है तो पार्टी को नौंवें सदस्य को भी सदन में भेजने का मौका मिल सकता है।
हर उम्मीदवार को 37 वोटों की जरूरत
बतादें कि राज्यसभा में जीत के लिए हर उम्मीदवार को कुल 37 विधायकों के वोटों की जरूरत होगी। ऐसे में कांग्रेस के समर्थन के बाद भी बीएसपी को अपने उम्मीदवार की विजय के लिए अब भी अन्य पार्टियों या निर्दलीय विधायकों के वोट की जरूरत होगी।