UP Politics: ओम प्रकाश राजभर ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि पीडीए (PDA) के लोगों को उन्होंने भगाया है।
Om Prakash Rajbhar News: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में मंत्री और सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर अक्सर अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहते हैं। उन्होंने अब एक बार फिर से समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) और बदायूं सीट से शिवपाल सिंह यादव के बेटे आदित्य को चुनाव लड़वाने पर तंज कसा। साथ ही सपा के चुनावी मेनिफेस्टो को फर्जी बताया।
सपा का मेनिफेस्टो हवा हवाई: ओपी राजभर
एक खबर के मुताबिक ओम प्रकाश राजभर ने कहा, “अखिलेश यादव 5 साल खुद मुख्यमंत्री रहे। जब हाथ में पावर थी तो जातिवार जनगणना नहीं कराई। सीखते नीतीश जी से, जैसे उनके हाथ में सत्ता थी तो उन्होंने जातिवार जनगणना करा दी। महिलाओं की बात करते हैं लेकिन सपा-कांग्रेस मिलकर भी महिला आरक्षण कानून को पास नहीं कर पाए। पिछड़ों की बात कर रहे हैं। पिछड़ों में 27 प्रतिशत आरक्षण को बांट कर जब देने की बात आई तो 5 साल याद नहीं आया।” समाजवादी पार्टी के मेनिफेस्टो की 60% बातें केंद्र की है। केंद्र में तो सपा की सरकार बननी नहीं है फिर कैसे अपना मेनिफेस्टो लागू करेंगे। इसलिए सपा के मेनिफेस्टो में दम नहीं है, सब हवा हवाई है।
अखिलेश यादव ने PDA के लोगों को भगाया
ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि पीडीए (PDA) के लोगों को उन्होंने भगाया है। किसी ने अखिलेश को छोड़ा नहीं है। मैं गवाह हूं। उन्होंने बकायदा चिट्ठी लिखकर मुझे तलाकनामा भिजवाया तो हमने उसको कबूल कर लिया। 'हम तो डूबेंगे सनम तुमको भी ले डूबेंगे’ यह बात अखिलेश यादव के ऊपर बिल्कुल ठीक बैठती है। ओपी राजभर ने आगे कहा कि अखिलेश यादव अपने आगे किसी को नेता नहीं बनने देना चाहते। वह खुद आगे न बढ़ पाए। नेता न बन पाए लेकिन आपको भी नहीं बढ़ने देने वाला काम है अखिलेश यादव जी का। अखिलेश यादव पीडीए ( पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) की बात करते हैं। उसी PDA में ओमप्रकाश राजभर, संजय चौहान, चंद्रशेखर आजाद, दारा चौहान, पल्लवी पटेल, स्वामी प्रसाद मौर्य भी थे, लेकिन छोड़ गए न।
सपा के बदायूं कैंडिडेट को लेकर राजभर ने कही ये बाते
बदायूं लोकसभा सीट पर सपा के उम्मीदवार बदलने वाले मामले में ओपी राजभर ने कहा कि यह कटु सत्य है कि जब दरार पड़ जाती है तो वह मिटती नहीं है। कई बार मैंने सुना है कि उन्होंने (अखिलेश यादव) ने शिवपाल जी को बीजेपी की B टीम कहा है। शिवपाल सिंह यादव अगर बड़े नेता होते, पार्टी के रणनीतिकार होते तो इतनी जल्दी उम्मीदवार नहीं बदले जाते।