
लखनऊ. 25 जनवरी को रिलीज़ होने वाली संजय लीला भंसाली की पद्मावत फिल्म को सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी मिलने के बावजूद देशभर में बवाल मचा हुआ है।विरोध के ये स्वर यूपी के भी कई शहरों में जारी हैं। मथुरा में क्षत्रिय समाज के लोगों ने भूतेश्वर रेलवे स्टेशन पहुंच कर ट्रेन रोक दी और ट्रेन पर चढ़ कर 'भंसाली हाय-हाय' के नारे लगाए। इतना ही नहीं प्रदर्शनकारियों ने मथुरा जिला प्रशासन को अलटीमेटम दिया है की अगर 25 जनवरी को पद्मावत फिल्म रिलीज होती है तो मथुरा के सिनेमा सुलगेंगे और तोड़फोड़ कि जाएगी। इस बीच यूपी के गाजियाबाद में इस फिल्म से जुडी दिलचस्प खबर सामने आई है। यहां एक पत्नी ने पद्मावत फिल्म देखने की इच्छा क्या ज़ाहिर की पति ने पुलिस से सुरक्षा मांग ली।
गाजियाबाद के रहने वाले संदीप कुमार ने अपने ट्विटर पर लिखा है कि उनकी पत्नी पद्मावत देखने की जिद कर रही है। लेकिन क्या गाजियाबाद पुलिस उन्हें फिल्म देखने के दौरान परिवार समेत सभी की सुरक्षा की गारंटी दे सकती है?' युवक ने अपने इस ट्वीट में सुरक्षा की मांग भी की है। इसमें गाजियाबाद के एसएसपी, डीएम और यूपी के सीएम ऑफिस को भी टैग किया गया है। इस ट्वीट पर गाज़ियाबाद पुलिस ने जवाब देते हुए उन्हें आश्वस्त किया है कि वे निश्चिंत होकर फिल्म देखने जा सकते हैं।
राजधानी लखनऊ के कई मल्टीप्लेक्स में पद्मावत का पेड प्रीमियर हुआ। वेव मॉल और इनॉक्स मॉल के बाहर भी प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान एक प्रदर्शनकारी ने आत्मदाह की कोशिश की। पुलिस को लाठियां भी भांजनी पड़ी।
एडीजी लॉ एंड आर्डर आनंद कुमार ने बुधवार को कहा कि कानून को हाथ में लेने वाले बवालियों को बख्शा नहीं जाएगा। एडीजी एलओ ने कहा कि नोएडा डीएनडी टोल और कानपुर के सिनेमा हॉल में तोड़फोड़ करने वालों पर कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। पूरे प्रदेश में पद्मावत के रिलीज़ को लेकर अलर्ट भी जारी कर दिया गया है।