36 हजार सालाना फीस पर अखिलेश सरकार के खिलाफ कोर्ट गये प्राइवेट मेडिकल कॉलेज

सरकार ने सरकारी फीस वाली सीटों पर काउंसलिंग कर युवाओं को कॉलेज आवंटित कर दिए हैं लेकिन जब छात्र-छात्राएं प्राइवेट मेडिकल कॉलेज पहुंचे तो उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया। 

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Sep 12, 2016
neet counselling
लखनऊ।
प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों की 50 फीसदी सीटों पर सरकारी शुल्क 36 हजार
रुपये सालाना लेने के फैसले पर कई प्राइवेट मेडिकल कॉलेज अखिलेश सरकार के
खिलाफ कोर्ट चले गये हैं। इस मामले में आज कोर्ट में सुनवाई हुई। बता दें कि
प्राइवेट मेडिकल कॉलेज 36 हजार रुपये सालाना सरकारी फीस पर एमबीबीएस और
बीडीएस में दाखिला देने को राजी नहीं हैं। यही वजह है कि काउंसलिंग में
प्रवेश पाने वाले युवाओं को बिना दाखिला के उन्हें वापस भेज दिया जा रहा
है।


वहीं, एक दर्जन से अधिक प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों सरकारी
काउंसलिंग व 36 हजार रुपये फीस पर दाखिला देने के विरोध में हाईकोर्ट की
लखनऊ बेंच में केस दाखिल कर दिया है।


इस बार प्रदेश सरकार ने
प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों की एमबीबीएस व बीडीएस की आधी सीटों पर 36 हजार
रुपये सालाना फीस पर दाखिला देने का निर्णय लिया है। इस बार कोर्ट के आदेश
पर सरकारी व प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों की काउंसलिंग एक साथ कराई गई।


पहले
चरण की काउंसलिंग हो चुकी है। सरकार ने सरकारी फीस वाली सीटों पर
काउंसलिंग कर युवाओं को कॉलेज आवंटित कर दिए हैं लेकिन जब छात्र-छात्राएं
प्राइवेट मेडिकल कॉलेज पहुंचे तो उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया।


छात्र-छात्राओं
को मेडिकल कॉलेजों ने एक लेटर थमा दिया। इस लेटर में लिखा है कि प्राइवेट
मेडिकल कॉलेजों का मामला हाईकोर्ट में चल रहा है। वहां का निर्णय आने के
बाद ही दाखिला दिया जाएगा। वहीं सरकार ने भी हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में
अपना पक्ष मजबूती से रखने की तैयारी कर ली है।


प्रमुख सचिव
चिकित्सा शिक्षा डॉ. अनूप चन्द्र पांडेय ने बताया कि सरकार कोर्ट में यह
बताएगी कि संयुक्त काउंसलिंग सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर की गई है। इसमें
जिन युवाओं को दाखिला मिला है उन्हें प्रवेश देने से रोका नही जा सकता है।
उन्होंने बताया कि इस मामले की सुनवाई सोमवार को होगी।


स्पेशल अपील भी की दाखिल

सरकार
ने कुछ मेडिकल कॉलेजों के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में स्पेशल अपील भी
दाखिल कर दी है। इन मेडिकल कॉलेजों ने सरकारी काउंसलिंग के खिलाफ स्टे ले
लिया था। स्टे होने के कारण इनमें अभी दाखिले नहीं हो सके हैं।


महानिदेशक
चिकित्सा शिक्षा डॉ. वीएन त्रिपाठी ने बताया कि सरकार ने विशेष अपील दाखिल
कर दी है। इनका स्टे भी सरकार खारिज कराकर दाखिले देगी। उन्होंने बताया कि
सरकार अपना पक्ष पुरजोर तरीके से रखने के लिए तैयार है।


इन कॉलेजों ने ली है हाईकोर्ट में शरण

राम मूर्ति स्मारक इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, बरेली

मुजफ्फरनगर मेडिकल कॉलेज, मुजफ्फरनगर

सरस्वती मेडिकल कॉलेज, उन्नाव

केडी मेडिकल कॉलेज, मथुरा

हिंद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, बाराबंकी

हैरिटेज इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, वाराणसी

स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर, ग्रेटर नोएडा

राजश्री मेडिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट, बरेली

प्रसाद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, लखनऊ

जीसीआरसी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, लखनऊ

टीएस मिश्रा हॉस्पिटल एंड मेडिकल कॉलेज, लखनऊ

Published on:
12 Sept 2016 05:48 pm
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