लखनऊ

नेहरू जिंदा होते तो कांशीराम सीएम होते, लखनऊ में कांशीराम जयंती मना रही कांग्रेस, दलित वोट साधने का प्रयास

Rahul Gandhi on Ambedkar and Kanshi Ram : राहुल गांधी कांशीराम की जयंती मनाने के लिए लखनऊ पहुंचे हैं। वह दो दिन पहले यहां पहुंचे।

2 min read
Mar 13, 2026
लखनऊ पहुंचे राहुल गांधी, PC- Patrika

लखनऊ : कांशीराम की जयंती मनाने के लिए राहुल गांधी लखनऊ पहुंचे हैं। ऐसा पहली बार है जब किसी इवेंट को करने के लिए राहुल गांधी 2 दिन पहले पहुंचे हैं। इस कार्यक्रम में करीब 4 हजार लोग पहुंचे हैं। कांशीराम की जयंती मनाने के पीछे कांग्रेस का दलित वोटरों में सेंध लगाने का प्रयास बताया जा रहा है।

राहुल गांधी जब मंच पर पहुंचे तो समर्थकों ने राहुल गांधी जिंदाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए। इस पर राहुल गांधी ने कहा कि मेरे जिंदाबाद के नारे मत लगाइए। इससे कुछ होने वाला नहीं है। होता किससे है यह आपको समझना पड़ेगा…जो मन बना लेता है कि ये जो हो रहा है उसे मैं एक्सेप्ट करने वाला नहीं हूं।

ये भी पढ़ें

पैनिक फैलाया जा रहा है या पैनिक है? सरकार जवाब दे…डिंपल बोलीं – लाइन में खड़े हजारों लोग

राहुल गांधी ने आगे कहा कि भाषण देने से पहले मैं सोच रहा था कि आंबेडकर शिक्षा की बात करते थे। संगठित रहने की बात करते थे। कांशीराम को हम याद करते हैं लेकिन आज क्या हो रहा है। समाज को 85 प्रतिशत और 15 प्रतिशत में बांट दिया गया है।

राहुल गांधी फ्लाइट से लखनऊ करीब 3.30 बजे पहुंचे। एयरपोर्ट पर कांग्रेस के एससी-एसटी विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम, ओबीसी प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल जयहिंद, प्रदेश अध्यक्ष अजय राय समेत सभी बड़े लीडर मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी जिंदाबाद के नारे लगाए। राहुल गांधी ने हाथ हिलाकर सभी का अभिवादन किया।

हमेशा गरीबों के लिए समर्पित रहे कांशीराम

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपने संबोधन में बी. आर. अम्बेडकर और कांशीराम का जिक्र करते हुए कहा कि इन नेताओं ने अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग कहते हैं कि आंबेडकर जी सादा जीवन जीते थे और सूखी रोटी खाते थे, लेकिन असल बात यह है कि उन्होंने उच्च शिक्षा हासिल की, कोलंबिया यूनिवर्सिटी में पढ़ाई की और पूरी जिंदगी दलितों तथा वंचितों के अधिकारों के लिए समर्पित कर दी।

कांशीराम ने कभी नहीं किया समझौता

राहुल गांधी ने कहा कि आंबेडकर जी एक बड़े बुद्धिजीवी थे और उन्होंने अपने सिद्धांतों के साथ कभी समझौता नहीं किया। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर कांशीराम जी समझौता कर लेते, तो आज उनकी तस्वीरें और उनका संघर्ष इस तरह याद नहीं किया जाता।

उन्होंने आगे कहा कि इतिहास में महात्मा गांधी, आंबेडकर और कांशीराम जैसे नेताओं ने अपने सिद्धांतों के लिए संघर्ष किया और कभी अपने रास्ते से पीछे नहीं हटे। गांधी जी कई वर्षों तक जेल में रहे, लेकिन उन्होंने अपने विचारों से समझौता नहीं किया। उसी तरह आंबेडकर जी ने भी पूरी जिंदगी समाज के लिए काम किया, मगर अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया।

Published on:
13 Mar 2026 05:17 pm
Also Read
View All

अगली खबर