रेलवे बोर्ड चेयरमैन ने कहा - ' वह पैसेंजर चार्टर ट्रेन थी। उसका एन्ड तो एन्ड ही मैटर करता है। एक रुट से आई थी दूसरे रुट से गई। '
लखनऊ. नई दिल्ली से चलकर महाराष्ट्र के लिए रवाना हुई ट्रेन स्वाभिमानी एक्सप्रेस के मध्य प्रदेश पहुंच जाने के मामले में रेलवे बोर्ड के चेयरमैन का बयान सामने आया है। लखनऊ दौरे पर पहुंचे रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अश्विनी लोहानी ने कहा कि ट्रेन को जहां जाना था, वही गई। ट्रेन गलत रुट पर नहीं गई। लखनऊ में पत्रिका संवाददाता के सवाल पर रेलवे बोर्ड चेयरमैन ने कहा - ' वह पैसेंजर चार्टर ट्रेन थी। उसका एन्ड तो एन्ड ही मैटर करता है। एक रुट से आई थी दूसरे रुट से गई। '
किसानों ने लगाया था गलत रुट पर ट्रेन जाने का आरोप
दरअसल दिल्ली से महाराष्ट्र के कोल्हापुर के लिए विशेष चार्टर ट्रेन को बुक कराया गया था। अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति ने यह ट्रेन बुक कराई थी। दिल्ली से यह ट्रेन 21 नवंबर को रवाना हुई थी। बताया जा रहा है कि ट्रेन कोल्हापुर की जगह मध्य प्रदेश के बानमेर पहुंच गई थी। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन के ताजा बयान से पहले रेलवे बोर्ड के प्रवक्ता ने भी मामले में सफाई जारी की थी और बताया था कि आयोजकों ने किसान रैली के लिए विशेष ट्रेन बुक की थी। इस मामले में मीडिया में गलत सिग्नल दिए जाने की खबरों को रेलवे ने गलत बताया है।
आने और जाने में हुआ अलग रूटों का उपयोग
रेलवे बोर्ड ने जारी बयान में बताया है कि ट्रेन दिल्ली से कोल्हापुर जाने और फिर वहां से वापसी के लिए बुक की गई थी। रास्ते में महाराष्ट्र के कराड़, मिराज, मनमाड स्टेशनों पर ठहराव की डिमांड की गई थी। ट्रेन को कोटा नहीं जाना था। विशेष ट्रेनों को सुविधाजनक रास्तों से होकर संचालित किया जाता है। ट्रेन जब कोल्हापुर से दिल्ली आई तो उसने वेस्टर्न रेलवे रुट का उपयोग किया जिस पर नागड़ा, कोटा, रतलाम, मथुरा स्टेशन पड़ते हैं। यह उपलब्ध रूटों में उस समय सबसे अधिक सुविधाजनक थी। दिल्ली से कोल्हापुर जाते समय रेलवे प्रशासन ने सेंट्रल रेलवे रुट का उपयोग किया जिस पर मथुरा, ग्वालियर, झांसी और भोपाल पड़ते हैं। यात्रियों के भ्रम की वजह यह रही होगी कि ट्रेन गई किसी और रुट से थी और लौटी किसी और रुट से।