नेपाल से पानी छोड़े जाने के बाद बलरामपुर में राप्ती नदी और दर्जनों पहाड़ी नालों ने भयानक तबाही मचा रखी है।
बलरामपुर. नेपाल से पानी छोड़े जाने के बाद बलरामपुर में राप्ती नदी और दर्जनों पहाड़ी नालों ने भयानक तबाही मचा रखी है। लगातार हो रही बारिश और राप्ती नदी के बढ़ते हुये जलस्तर को देखते हुये सेना को सतर्क कर दिया गया है। कई इलाकों का जिला मुख्यालय से सम्पर्क टूट गया है। तीन सौ गाँव बाढ़ के पानी से घिर गये हैं और घरों में पानी घुसने लगा है। ग्रामीण इलाकों में तमाम सड़के क्षतिग्रस्त हो गयी है। गाँवो से सम्पर्क टूट गया है। सैकड़ो गाँव टापू बन गये हैं। इन गाँवो तक पहुँच पाना प्रशासन के लिये चुनौती बना हुआ है। राप्ती नदी पर बने तटबन्ध के कई जगह क्षतिग्रस्त होने से बाढ़ ने और विकराल रुप ले लिया है। राहत और बचाव कार्य में जिला प्रशासन जुटा है, लेकिन तटवर्ती इलाकों में पानी के तेज प्रवाह के चलते सरकारी मशीनरी वहाँ तक नहीं पहुँच पा रही है।
जलस्तर लगातार बढ़ने से जिला प्रशासन चिन्तित है। स्थित बिगड़ते देख जिला प्रशासन सेना की मदद ले सकता है। हालंकि NDRF की एक कम्पनी और FLOOD PAC के चार प्लाटून राहत व बचाव कार्य में जुटे हैं, लेकिन भयावह होती जा रही बाढ़ की स्थित को देखते हुये ये नाकाफी साबित हो रहे है। चार सौ सरकारी स्कूलो में बाढ़ का पानी घुस गया है जिसको देखते हुये जिला प्रशासन ने सभी सरकारी स्कूलों को 19 अगस्त तक और कस्तूरबा विद्यालयों को एक सप्ताह के लिये बन्द करने का आदेश दिया हैं।
शहर को बचाने के लिये बनाया गया MLTD बाँध को खतरा
राप्ती नदी के लगातार बढ़ रहे जलस्तर से शहर को बचाने के लिये बनाया गया MLTD बाँध को खतरा पहुँच गया है। कई स्थानों पर MLTD बाँध के उपर से पानी बहने लगा है। बाँध को बचाने के लिये पूरा जिला प्रशासन मौके पर पहुँच गया है। बाँध के कटने से पूरा बलरामपुर शहर जलमग्न हो सकता है और भीषण तबाही मच सकती है, लेकिन बाँध पर पानी का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। शहर की जनता भी बाँध को बचाने में जुट गयी है। शहर के अन्दर कई मोहल्लों में बाढ का पानी घुसने लगा है। ऐसी स्थित में बाँध कटने से भीषण तबाही मच सकती है। बहरहाल जिला प्रशासन के लोग सिंचाई विभाग, पीडब्लूडी, नगरपालिका और आम जनता की मदद से बाँध को बचाने में जुटे है।
शहर के अन्दर घुसा बाढ का पानी,लोगो में दहशत
बाढ़ का पानी तकरीबन तीन गांव में घुस चुका है, तो वहीं बाढ का पानी अब शहर के अन्दर घुसना शुरु हो गया है। जिला मुख्यालय के पहलवारा और धुसाह के इलाके बाढ़ से ज्यादा प्रभावित हैं, जहाँ घरों के अन्दर चार से पाँच फिट तक पानी पहुँच गया है। लोग नॉव के सहारे आवागमन करने को मजबूर है। बाढ़ का पानी बहराइच मुख्यमार्ग की ओर बढ़ रहा है जिसको लेकर लोगो में दहशत है। नगर के बीचो बीच मुख्य चौराहे के समीप स्थित टीटू सिनेमा और झारखण्डी मन्दिर के पास जलभराव होने लगा है। उधर एमएलटीडी बाँध के उपर से पानी निकल रहा है। अगर यह बाँध कट जायेगी तो पूरा शहर जलमग्न हो जायेगा। जिसका अंदाजा आप शहर में आये बाढ़ के पानी को देखकर लगा सकते है।