
लखनऊ. मिशन 2019 को लेकर कांग्रेस की यूपी में क्या स्ट्रैटेजी है, ये अभी साफ नहीं हो पाया है। ऐसे में पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं को चिंता सताने लगी है। प्रदेश कांग्रेस के अल्पसंख्यक विभाग के चेयरमैन सिराज मेहंदी ने पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर लोकसभा चुनावों के मद्देनजर वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं को सक्रिय करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि राजनीति की मौजूदा परिस्थितियों में इन वरिष्ठ नेताओं के अनुभव का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। बता दें कि गठबंधन को लेकर भी अभी यूपी में तस्वीर साफ नहीं हुई है। महागठबंधन के सवाल पर प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर भी कुछ बोलने से बच रहे हैं।
जानें क्या लिखा है पत्र में
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिराज मेहंदी ने पत्र में लिखा है कि पार्टी राहुल गांधी के नेतृत्व में सही दिशा में जा रही है। कर्नाटक और गुजरात विधानसभा चुनाव इसके उदाहरण के तौर पर देखे जा सकते हैं। लोकसभा चुनाव को लेकर बीजेपी अपने कम्युनल अजेंडे पर आगे बढ़ रही है। इसे रोकने के लिए विपक्षी पार्टियों को एकजुट करना होगा। सिराज ने इशारों में सोनिया गांधी को सत्तर के दशक में उसी भूमिका में आने को कहा है, जिस भूमिका में पूर्व पीएम इंदिरा गांधी थीं और उन्होंने संजय गांधी को मास मूवमेंट की जिम्मेदारी दी थी।
कांग्रेस में परेशान पूर्व प्रवक्ता
यूपी कांग्रेस में नई मीडिया टीम की लिस्ट जारी होते ही कांग्रेस के भीतर प्रवक्ता भर्ती परीक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रदेश कांग्रेस के थिंक टैंक के सदस्य संजीव पाठक ने एक अखबार से बातचीत कहा कि अगर यही सब करना था तो फिर यह एग्जाम कराकर पार्टी की फजीहत क्यों कराई गई। उनका कहना है कि इस परीक्षा का परिणाम पूरी तरह जारी किया जाना था। इसमें बताया जाना था कि किसको कितने नंबर मिले लेकिन एकदम से परिणाम जारी होने के बाद लग रहा है कि परिणाम पहले से तय था। जिसे प्रवक्ता बनाया जाना था, उसे सूची में शामिल कर लिया गया। अगर यही किया जाना था तो यह परीक्षा कराई ही नहीं जानी चाहिए थी। इसके अलावा कई पूर्व प्रवक्ता इस बात को लेकर परेशान हैं कि अब उन्हें क्या रोल दिया जाएगा। एक पूर्व प्रवक्ता ने कहा कि वे अब पार्टी की मीडिया टीम में भले ही न हों लेकिन मीडिया की नजरों में हमेशा रहेंगे, कुछ नया आंदोलन करेंगे।