Shine City Fraud : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के लखनऊ जोनल कार्यालय ने शाइन सिटी ग्रुप ऑफ कंपनीज के बड़े राजदार हिमांशु कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। कोर्ट ने हिमांशु कुमार को 7 दिन की कस्टडी रिमांड दी है। ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया है और कंपनी की 160.28 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त कर चुकी है।
Shine City Fraud: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के लखनऊ जोनल कार्यालय ने लंबे समय से फरार चल रहे शाइन सिटी ग्रुप ऑफ कंपनीज के बड़े राजदार हिमांशु कुमार को गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार को कोर्ट में पेश करने पर हिमांशु कुमार की 7 दिनों की कस्टडी रिमांड मंजूर की गई। यह गिरफ्तारी शाइन सिटी के मामलों में बड़ी सफलता मानी जा रही है।
ईडी ने शाइन सिटी के मनी लॉन्ड्रिंग केस में अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। कंपनी और उसके निदेशकों की 160.28 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं। यह संपत्तियां धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) 2002 के तहत दर्ज मामलों की जांच के दौरान जब्त की गई हैं।
ईडी ने शाइन सिटी के खिलाफ दर्ज करीब 554 एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की थी। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी कंपनी के प्रमोटरों और सहयोगियों ने पोंजी-पिरामिड स्कीम की आड़ में जनता से धन इकट्ठा किया और रियल एस्टेट क्षेत्र में निवेश के झूठे वादों के माध्यम से लोगों को ठगा।
हिमांशु कुमार ने श्रद्धा सबुरी इंफ्रा-डेवलपर्स, स्केपर्स रियलकॉन प्राइवेट लिमिटेड, भव्या ब्रॉडकास्टिंग प्राइवेट लिमिटेड और रियलकॉन लिंक जैसी कई फर्जी कंपनियां स्थापित कीं। इन कंपनियों के माध्यम से ग्राहकों से एकत्रित धन को विभिन्न संस्थाओं में ट्रांसफर किया गया। हिमांशु कुमार के व्यक्तिगत खातों और उसकी स्वामित्व वाली कंपनियों में करीब 40 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए।
हिमांशु कुमार वर्तमान में निवेशकों से वसूले गए पैसों से हाउसिंग प्रोजेक्ट चला रहे हैं। ईडी की जांच में यह भी पता चला कि इन परियोजनाओं के माध्यम से भी लोगों को ठगा जा रहा है।
हिमांशु कुमार की गिरफ्तारी शाइन सिटी की धोखाधड़ी में एक महत्वपूर्ण मोड़ है। ईडी की सख्त कार्रवाई से उम्मीद है कि इस मामले में और भी बड़े खुलासे होंगे और दोषियों को सजा मिलेगी। कंपनी की धोखाधड़ी से प्रभावित लोगों को न्याय मिलने की संभावना बढ़ गई है।