समाजवादी पार्टी के नवनिर्वाचित विधायकों को मीटिंग में न बुलाने से खफा प्रगतिशील समाजवादी पार्टी सुप्रीमो शिवपाल सिंह यादव आज होने वाली सपा - गठबंधन की बैठक में शामिल होने की जगह दिल्ली पहुंच गए। जहां शिवपाल ने अपने बड़े भाई और समाजवादी पार्टी संरक्षक मुलायम सिंह यादव के कांधे पर सिर रखकर अपना दर्द साझा किया।
समाजवादी पार्टी के नवनिर्वाचित विधायकों को मीटिंग में न बुलाने से खफा प्रगतिशील समाजवादी पार्टी सुप्रीमो शिवपाल सिंह यादव आज होने वाली सपा - गठबंधन की बैठक में शामिल होने की जगह दिल्ली पहुंच गए। जहां शिवपाल ने अपने बड़े भाई और समाजवादी पार्टी संरक्षक मुलायम सिंह यादव के कांधे पर सिर रखकर अपना दर्द साझा किया। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने आज लखनऊ पार्टी मुख्यालय पर सहयोगी दलों की बैठक बुलाई है। इस बैठक में वह विधानसभा चुनाव 2022 के नतीजे उम्मीद के अनुसार न आने पर मंथन होगा। पर इस बैठक का सबसे अहम आकर्षण का केंद्र होगा नाराज चाचा शिवपाल का बैठक में शामिल होना। पर नई सूचना के आधार पर साफ हो गया है कि शिवपाल इस बैठक में शामिल नहीं होंगे।
बैठक में कई मुद्दों पर मंथन
इस बैठक में जहां चुनाव में हार पर चर्चा होगी। वहीं गठबंधन कैसे मजबूत रहे इस पर इसके नियम कयादे तय होंगे। सबसे अहम है कि, लोकसभा चुनाव 2024, जिस पर सभी दल अपना राय मश्विरा देंगे। विधानसभा चुनाव में सपा-गठबंधन के 125 विधायक हैं। इसमें गठबंधन के 14 विधायक शामिल हैं।
गठबंधन सहयोगियों को न्योता
बैठक में रालोद, सुभासपा, जनवादी पार्टी, महान दल, अपना दल कमेरावादी शामिल होंगे। बताया जा रहा है कि, नवनिर्वाचित विधायकों को मीटिंग में शिवपाल यादव सपा विधायक के तौर पर आना चाहते थे जबकि सपा, उन्हें सपा विधायक के बजाए प्रसपा अध्यक्ष के तौर पर ज्यादा अहमियत दे रही है। इसलिए उन्हें सहयोगी दल में रखा हुआ है। पर शिवपाल के तेवर बता रहे हैं कि, अब वह बड़ा निर्णय कर सकते हैं। ऐा लगता है कि, अब एक बार फिर मुलायम परिवार में दूरियां बनने लगेंगी।