उत्तर प्रदेश में 60 जिले ऐसे हैं जिनमें प्रत्येक जिले में 13000 हज़ार से अधिक बच्चे टीकाकरण से वंचित हैं।
लखनऊ. उत्तर प्रदेश में 60 जिले ऐसे हैं जिनमें प्रत्येक जिले में 13000 हज़ार से अधिक बच्चे टीकाकरण से वंचित हैं।इसके अलावा प्रदेश में 4 ऐसे जिले हैं जिनमें टीकाकरण का कवरेज 70 प्रतिशत से कम है। इन सभी क्षेत्रों में टीकाकरण के लिए 7 अक्टूबर से सघन मिशन इंद्रधनुष अभियान चलाया जाएगा। यह बात उत्तर प्रदेश की परिवार कल्याण मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने शनिवार को प्रेस कांफ्रेंस में कही।
52 जनपद और 8 शहरी क्षेत्र
मंत्री ने स्वास्थ्य विभाग की उपलब्धियों को बताने के लिए आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि प्रधानमंत्री ने प्रगति समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिए थे कि दिसंबर 2018 तक देश भर में 90 प्रतिशत से अधिक बच्चों का टीकाकरण कर लिया जाना चाहिए। देश में अभी भी बहुत सारे बच्चे अलग-अलग कारणों से टीकाकरण से वंचित रह जाते हैं। मंत्री ने कहा कि विभिन्न सर्वेक्षणों, एचएमआईएस, मॉनिटरिंग डेटा और वीपीडी स्थिति के आधार पर देश के 118 जनपदों, 17 शहरी क्षेत्रों और 52 पूर्वोत्तर जनपदों की पहचान की है जिनमें से उत्तर प्रदेश के 52 जनपद और 8 शहरी क्षेत्र हैं।
चार चरणों में चलाया जाएगा अभियान
जोशी ने बताया कि उत्तर प्रदेश में 48 ऐसे जनपद हैं जिनमें अनुमानित 13000 से अधिक बच्चे टीकाकरण से वंचित हैं। पूर्ण प्रतिरक्षण में 70 प्रतिशत से कम कवरेज वाले 4 जनपद पाए गए हैं। बड़े शहरी क्षेत्र जिनमें 13000 से अधिक बच्चे टीकाकरण से वंचित हैं, उनकी संख्या 8 है। इन सभी क्षेत्रों में चार चरणों में सघन मिशन इंद्रधनुष अभियान चलाया जाएगा जिसके पहले चरण की शुरुआत 8 अक्टूबर से की जाएगी।
हेडकाउन्ट सर्वे कर चयनित हुए हैं छूटे बच्चे
प्रदेश में अभियान की तैयारियों के तहत सभी जनपदों तथा शहरी क्षेत्रों में हेडकाउन्ट सर्वे कराकर छूटे हुए बच्चों को चिह्नित किया गया है। इन छूटे हुए बच्चों के आधार पर गाँव, मोहल्ला, क्षेत्र निर्धारण कर, कार्ययोजना के अनुसार एएनएम द्वारा विशेष टीकाकरण सत्रों का आयोजन कर आशा और आंगनबाड़ियों के माध्यम से छूटे बच्चों का टीकाकरण किया जाना है।