लखनऊ

ज्ञानवापी मस्जिद या शिवलिंग पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई: जज की 3 बड़ी बातें: ‘मुस्लिमों को देखना होगा कि..

विश्व प्रसिद्ध काशी में इन दिनों बहुचर्चित मुद्दा ज्ञानवापी मस्जिद या शिवलिंग को लेकर लगातार सुनवाई चल रही है। जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम पक्षकारों की बातें सुनने के बाद तीन बड़ी बातें कही। इसमें मुस्लिम की ओर से 5 बड़े मुद्दे उठाए गए थे।

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May 20, 2022
Gyanwapi Maszid and Shivling hearing in Supreme Court

ज्ञानवापी मामले में सुप्रीम कोर्ट में लगातार सुनवाई चल रही है। जिसमें सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की ओर से दाखिल की गई आपत्तियाँ को मानने से इंकार कर दिया है। जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम जिला जज को निर्देश नहीं दे सकते हैं। ये उनका कार्यक्षेत्र है। जिला जज के पास काम करने का अनुभव होता है। वो बहुत अनुभवी होते हैं। वो अपना काम कर रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने किया इन्कार

सुप्रीम ने आज सुनवाई करते हुए मुस्लिम पक्ष की दलीलें सुनीं। जिसमें जिसमे जिला जज के आदेश पर रोक लगाने , सर्वे को रोकने और काशी में सर्वे कमेटी की रिपोर्ट को खारिज करने की मांग थी। सुप्रीम कोर्ट इन सभी बातों पर सुनवाई से इन्कार कर दिया है।

सुप्रीम कोर्ट में तीन जजों की पीठ ने की सुनवाई

काशी में ज्ञानवापी मस्जिद और शिवलिंग पर सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों की पीठ सुनवाई कर रही है। जिसमें जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने ये साफ करते हुए कहा कि 'हम निर्देश दे सकते हैं कि निचली अदालत प्रतिवादी के आवेदन का निपटारा करे. तब तक हमारा अंतरिम आदेश ही जारी रहेगा. तीसरी बात हम यह कहना चाहते हैं कि मामले की जटिलता को देखते हुए इसे ज़िला जज को ही भेजा जाए. इसमें हस्तक्षेप उनकी सुनवाई पूरी होने तक नहीं होना चाहिए। हम चाहते हैं देश में सौहार्द्य का माहौल हो। बैलेंस रखने के लिए पहले जिला जज में इसे पूरा होने दिया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा कि हिन्दू और मुस्लिम दोनों पक्षों को कोर्ट की सुनवाई पूरी होने तक संयम बरतना होगा।

वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद में नमाजियों की भीड़

वहीं सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दिन ज्ञानवापी मस्जिद जुमे की नमाज से एक घंटे पहले ही भर गई. नमाजियों को अब एंट्री नहीं मिल रही है. उनसे दूसरी मस्जिदों में जाने की अपील की जा रही है.

वज़ू के लिए अलग से प्रबंध कराए जिला प्रशासन, शिवलिंग सुरक्षित होना चाहिए
सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की इस बात को मान लिया है कि नमाज से पहले वज़ू जरूरी है। इसलिए उसने जिला प्रशासन को आदेश दिया है कि उनके वज़ू के लिए इंतज़ार कराया जाए। साथ ही पूर्व में किया गया अन्तरिम आदेश 8 हफ्तों तक जारी रहेगा। जिसमें कहा गया था कि यदि सर्वे में शिवलिंग मिला है तो उसे सुरक्षित किया जाए। साथ ही स्थान पर उचित सुरक्षा व्यवस्था भी की जाए।

Updated on:
20 May 2022 04:36 pm
Published on:
20 May 2022 04:06 pm
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