लखनऊ

‘अभी ऑर्डर नहीं पढ़ा…’ गिरफ्तारी पर रोक के बाद पहली बार बोली सिंगर नेहा सिंह राठौर

भोजपुरी गायिका नेहा सिंह राठौर को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। उनके खिलाफ पहलगाम आतंकी हमले और पीएम मोदी को लेकर किए गए पोस्ट पर दर्ज FIR में गिरफ्तारी पर रोक लगा दी गई है।

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Jan 08, 2026
नेहा सिंह राठौर की गिरफ्तारी | Image Source - FB/@nehafolksinger

Neha Singh Rathore News: भोजपुरी सिंगर नेहा सिंह राठौर पर चल रहे राजद्रोह मामले में सुप्रीम कोर्ट ने गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने उस FIR पर सुनवाई करते हुए रोक लगा दिया, जिसमें पीएम नरेंद्र मोदी और पहलगाम आतंकी हमले को लेकर विवादित पोस्ट करने का नेहा सिंह राठौर पर आरोप है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद नेहा सिंह ने पहली बार इस फैसले पर बोला है। उन्होंने कहा है कि , "मैंने अभी ऑर्डर नहीं पढ़ा है लेकिन सुप्रीम कोर्ट का फैसला मेरी गिरफ्तारी पर रोक का है। यह मेरे लिए अच्छी खबर है। मैं इसके लिए सुप्रीम कोर्ट का धन्यवाद करना चाहती हूं। जब मुझे दूसरा नोटिस आया तब मैं विवेचक के समक्ष अपना बयान दर्ज कराने पहुंची थी। उस दिन सूर्यास्त हो गया था तो मेरा बयान दर्ज नहीं हो पाया लेकिन आगे जो भी प्रक्रिया होगी, मैं उसमें सहयोग करूंगी…"

नेहा सिंह पर क्या है आरोप?

नेहा सिंह राठौर पर FIR दर्ज है कि उन्होंने 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हमले को लेकर अपने एक्स पर एंटी-इंडिया पोस्ट लिखा। इस FIR में बताया गया था कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया, जिसमें 26 पर्यटकों की जान चली गई। अभियोग पक्ष के अनुसार, जब भारत सरकार पाकिस्तान पर कार्रवाई कर रही थी, तो नेहा सिंह की पोस्ट से देश की राष्ट्रीय अखंडता और संप्रभुता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका पैदा हुई। इसके साथ ही यह भी दावा किया गया कि इन बयानों के माध्यम से धर्म और जाति के आधार पर वैमनस्य फैलाने तथा सामाजिक तनाव को बढ़ावा देने की कोशिश की गई।

सुप्रीम कोर्ट ने कोर्ट क्या कहा?

कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया कि नेहा सिंह राठौर को 19 जनवरी को अनिवार्य रूप से जांच अधिकारी (IO) के समक्ष उपस्थित होना होगा और किसी भी प्रकार की गैर-हाजिरी को गंभीरता से लिया जाएगा। सुनवाई के दौरान राठौर के वकील ने अदालत को बताया कि उनकी मुवक्किल 3 जनवरी को पहले ही जांच अधिकारी के सामने उपस्थित होकर बयान दे चुकी हैं और उन्होंने जांच में सहयोग किया है। वहीं, राज्य सरकार की ओर से पेश वकील ने आरोप लगाया कि राठौर जांच प्रक्रिया में अपेक्षित सहयोग नहीं कर रही हैं। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों को रिकॉर्ड में लेते हुए आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए।

Published on:
08 Jan 2026 07:33 am
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