बजट में वाराणसी में जहाज मरम्मत केंद्र (शिप रिपेयर पोर्ट) बनाने की घोषणा की गई है। गंगा नदी पर पहले से चल रहे जल परिवहन को इससे बड़ी मजबूती मिलेगी। यह केंद्र न केवल रोजगार के अवसर पैदा करेगा, बल्कि पूर्वांचल को देश के इनलैंड वॉटर ट्रांसपोर्ट नेटवर्क से और मजबूती से जोड़ेगा। छोटे तीर्थ […]
बजट में वाराणसी में जहाज मरम्मत केंद्र (शिप रिपेयर पोर्ट) बनाने की घोषणा की गई है। गंगा नदी पर पहले से चल रहे जल परिवहन को इससे बड़ी मजबूती मिलेगी। यह केंद्र न केवल रोजगार के अवसर पैदा करेगा, बल्कि पूर्वांचल को देश के इनलैंड वॉटर ट्रांसपोर्ट नेटवर्क से और मजबूती से जोड़ेगा। छोटे तीर्थ स्थलों के विकास की घोषणा से धार्मिक पर्यटन को भी गति मिलने की उम्मीद है।
केंद्र सरकार ने देश में 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने का ऐलान किया है, जिनमें से दो कॉरिडोर यूपी से होकर गुजरेंगे। पहला दिल्ली–वाराणसी और दूसरा वाराणसी–सिलीगुड़ी कॉरिडोर होगा। इससे न केवल यात्रा समय घटेगा, बल्कि व्यापार, पर्यटन और निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा। इसके लिए सभी 75 जिलों में एक-एक गर्ल्स हॉस्टल बनाया जाएगा।
बजट में कंटेनर निर्माण के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 की शुरुआत हुई है। नोएडा में सेमीकंडक्टर पार्क विकसित किया जा रहा है। इसका सीधा लाभ यूपी के युवाओं को हाई-टेक नौकरियों के रूप में मिलेगा।
5 लाख से ज्यादा आबादी वाले टियर-2 और टियर-3 शहरों के लिए 12.2 लाख करोड़ रुपये के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास का ऐलान किया गया है। यूपी में ऐसे करीब 25 शहर हैं, जिन्हें इसका लाभ मिलेगा। जिला अस्पतालों की क्षमता 50 प्रतिशत बढ़ाई जाएगी और हर जिले में इमरजेंसी व ट्रॉमा सेंटर खोले जाएंगे।
इसके अलावा सभी 75 जिलों में गर्ल्स हॉस्टल बनाने की घोषणा से महिला शिक्षा और सुरक्षा को मजबूती मिलेगी।
महात्मा गांधी हैंडलूम योजना से ‘एक जिला, एक उत्पाद’ को नई ऊर्जा मिलेगी। खेल सामान देश में ही बनाने की योजना से मेरठ जैसे जिलों को लाभ होगा। राष्ट्रीय जलमार्गों के विस्तार से गंगा सहित यूपी की नदियां आर्थिक विकास का मजबूत माध्यम बनेंगी।