
लखनऊ. भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने बुधवार रात विधायक को सरेंडर करने का आदेश दिया था और गुरुवार को विधायक पर पुलिस ने एफआईआर भी दर्ज कर ली है। वहीं कुलदीप सिंह सेगर पर पार्टी भी कार्रवाई कर सकती है। संगठन की तरफ से हालांकि अभी अधिकृत तौर पर कोई जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन माना जा रहा है कि एसआईटी जांच में दोषी बताए जाने के बाद भाजपा विधायक पर पार्टी की अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है। उन्हें निलंबित किया जा सकता है।
बता दें कि कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ पुलिस ने धारा 363, 366, 376 ,506 और पॉक्सो ऐक्ट के तहत केस दर्ज किया है। विधायक पर एफआईआर दर्ज किए जाने पर पीड़िता के चाचा ने कहा, 'हां, हमें खुशी है कि कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। यदि पहले ही यह कार्रवाई हो जाती तो आज मेरे भाई (पीड़िता के पिता) जिंदा होते।
कुलदीप सिंह का बयान, भाजपा को बदनाम करने की साजिश
इस दौरान भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर ने मीडिया से बातचीत में अपने ऊपर लग रहे तमाम आरोपों को साजिश करार दिया और कहा कि वह पूरी तरह बेगुनाह है। इन गलत आरोपों से वह काफी व्यथित हैं और पुलिस से सुरक्षा की मांग की है। सेंगर ने कहा कि उनके कंधे पर बंदूक रखकर बीजेपी सरकार को बदनाम करने की साजिश हो रही है।
डीजीपी का आया बयान
उन्नाव गैंगरेप और बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के मामले में प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार सिंह और डीजीपी ओपी सिंह ने साझा प्रेस कांफ्रेंस की। प्रेस कांफ्रेंस में अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि पूरे मामले की जांच सीबीआई को दी गई है। जब तक एस केस को सीबीआई को ट्रांस्फर करने की प्रक्रिया चलेगी तब तक इस मामले की जांच स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) करेगी और सभी साक्ष्यों को इकट्ठा करेगी। एसआईटी ने इस मामले में दोनों पक्षों के बयान लिए हैं। अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि लड़की के पहले बयान में कुलदीप सिंह का नाम नहीं है। पीड़िता के पिता के मौत के सवाल पर अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि इस मामले में डॉक्टरों द्वारा लापरवाह की बात सामने आई है और इसके लिए सभी जिम्मेदारों पर कार्रवाई की गई है।