1993 में पहली बार राजा भैया ने कुंडा विधानसभा सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ा था और जीते...
लखनऊ. बाहुबली रघुराज प्रताप सिंह (राजा भैया) ने राजधानी लखनऊ में रैली करके अपना शक्ति प्रदर्शन किया। लखनऊ के रमाबाई मैदान में निर्दलीय विधायक राजा भैया की जनसभा थी। जिसमें समर्थकों और नेताओं समेत हजारों लोगों ने शिरकत की।
25 साल की उम्र में जीता था पहला चुनाव
राजा भैया के राजनीतिक करियर की शुरुआत 25 साल की उम्र में ही हो गई थी। उन्होंने 25 साल की उम्र में पहला विधानसभा चुनाव जीत लिया था। 1993 में पहली बार राजा भैया ने कुंडा विधानसभा सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ा था और जीते। इसके बाद से 1996, 2002, 2007, 2012 और 2017 में भी हुए चुनाव में राजा भैया ने रिकार्ड मतों के अंतर से जीत दर्ज की। खास बात है कि हर बार के चुनाव में राजा भैया के मतों की संख्या बढ़ती जाती है। भदरी राजघराने के कुँअर और 6 चुनाव (1993-2017) में अपराजेय रहे रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया 25 साल से निर्दलीय विधायक हैं।
रहीं तरह-तरह की चर्चाएं
आरोप हैं कि संतोष मिश्र नाम के व्यक्ति को जिसे राजा भैया के लोगों ने 2001 में पीट-पीट कर मार डाला था। महज इसलिए क्योंकि उसकी बाइक राजा भैया की कार से टकरा गई थी। उसकी पत्नी विनीता ने 2003 में राजा भैया के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। मायावती ने न सिर्फ उन्हें जेल भेजा बल्कि उनके तालाब का अधिग्रहण भी कर लिया। इस तालाब को लेकर कई तरह की चर्चाएं रही हैं। कई बार ऐसा कहा गया कि राजा भैया अपने विरोधियों को तालाब में फिंकवा देते थे। लेकिन ऐसा कभी किसी जांच में सामने नहीं आया और यह चर्चा महज 'चर्चा' ही रही।
हवाई जहाज भी उड़ाने वाले राजा भईया को है बुलेट का शौक
राजा भैया के पिता उदय प्रताप सिंह विश्व हिन्दू परिषद व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पदाधिकारी भी रह चुके हैं। राजा भैया ने लखनऊ विश्वविद्यालय से कानून, मिलिट्री साइंस व भारतीय मध्यकालीन इतिहास में स्नातक भी किया। राजा भैया साइकिल चलाने से लेकर हवाई जहाज तक उड़ा सकते हैं। बुलेट की सवारी भी राज भैया को बहुत पसंद हैं।