उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार शुक्रवार को यानि 16 फरवरी को 2018- 2019 का बजट पेश किया
लखनऊ. उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार शुक्रवार को यानि 16 फरवरी को 2018- 2019 का बजट पेश किया। यह बजट कई मायनों में खास है क्योंकि यह यूपी का अब तक का सबसे पड़ा बजट है। वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने 4 लाख 28 हजार 384 करोड़ का बजट पेश किया । यह पिछले साल की तुलना में 11.4 प्रतिशत ज्यादा है. पिछले साल 3.84 लाख का बजट पेश किया गया था। लखनऊ के लोकभवन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई बैठक में इसे मंजूरी दी गई। बजट भाषण की शुरूआत वित्तमंत्री राजेश अग्रवाल ने शायरी पढ़कर की।
अब तक का सबसे बड़ा बजट
जानकारी हो कि यूपी बजट 2018 के तहत योगी सरकार ने खर्च घटाने व आय बढ़ाने के लिए कई नई पहल की है। ई-गवर्नेंस को अपनाया गया है। इसके अलावा जीएसटी में यूपी को सबसे ज्यादा फायदा मिला है और केंद्रीय करों में राज्य की हिस्सेदारी अब तक सर्वाधिक रहने वाली है। ऐसे में यह बजट अब तक सबसे बड़ा होगा।
जनकल्याण योजनाअों पर फोकस
यूपी के वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल कहते है कि हमारा फोकस जनकल्याण हैं, हम जनता की उम्मीदों को पूरा करने आए हैं। बजट में जनकल्याणकारी योजनाओं पर फोकस होगा, क्योंकि लोकसभा चुनावों की दृष्टि से आखरी बजट है और उत्तर प्रदेश लोकसभा की 80 सीटें देता है। लिहाजा जनता को लुभाने और विकास योजनाओं के जमीन तक पहुंचाने का योगी सरकार पर बड़ा दबाव है।
वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि 20 कृषि उताप्द केंद्र खोले जाएंगे। इससे किसानों को अपने उत्पाद सहूलियत मिलेगी। एक जनपद एक उत्पाद पर काम कर रहे हैं। गेंहूं खरीद के लिए 5500 केंद्र जाएंगे।