योगी आदित्यनाथ सरकार राज्य के कर्मचारियों और पेंशनरों को कैशलेस इलाज का तोहफा देने जा रही है। राज्य सरकार के इस फैसले से तकरीबन 20 लाख कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को लाभ मिलेगा। व
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार राज्य के कर्मचारियों और पेंशनरों को कैशलेस इलाज का तोहफा देने जा रही है। राज्य सरकार के इस फैसले से तकरीबन 20 लाख कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को लाभ मिलेगा। वहीं, प्राइवेट अस्पताल में भी इलाज की सुविधा दी गई है। दरअसल, अभी तक सरकारी अस्पताल दूर होने की स्थिति में कर्मचारियों को प्राइवेट में ही इलाज कराना पड़ता था। मगर, प्राइवेट अस्पताल में इलाज कराने की सुविधा सरकार की तरफ से नहीं थी। कर्मचारी संगठन काफी समय से इसकी मांग कर रहा था। इस योजना के लागू होने के बाद वे आसानी से प्राइवेट अस्पताल में इलाज करा सकेंगे। कर्मचारियों को यह सुविधा अप्रैल अंत या मई के पहले हफ्ते से मिलनी शुरू हो सकती है।
20 लाख कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को फायदा
राज्य में 20 लाख सरकारी कर्मचारी और पेंशनभोगियों के परिवार की संख्या करीब 88 लाख है। ऐसे में इन लोगों को इस योजना के लागू होने के बाद बड़ा फायदा मिलेगा। अभी तक कैशलेस इलाज की सुविधा न होने के कारण कर्मचारियों को इलाज के बिलों के भुगतान के लिए विभाग, अस्पताल और सीएमओ कार्यालय के चक्कर काटने पड़ते थे। अक्सर बिलों की कटौती को लेकर भी सवाल उठता था।
कर्मचारी और परिजनों के बनेंगे हेल्थ कार्ड
राज्य सरकार कर्माचारी और उनके परिजनों के लिए कार्ड बनाए जाएंगे। इससे उनको इलाज के दौरान पूरा खर्च नहीं देना होगा। आमतौर पर निजी मेडिकल क्लेम की कंपनियां इस तरह की सुविधा देती हैं। अब सरकारी स्तर पर कर्मचारियों और उनके परिजनों का हेल्थ कार्ड बनेगा।
कैसे बनवाएं स्टेट हेल्थ कार्ड
ऑनलाइन स्टेट हेल्थ कार्ड बनाने की जिम्मेदारी स्टेट एजेंसी फॉर हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेज को दी गई है। सभी विभागाध्यक्षों की जिम्मेदारी होगी कि वह अपने विभाग के कर्मियों व पेंशनरों का स्टेट हेल्थ कार्ड बनवाएं।