उत्तर प्रदेश में 109 पुलिस इंस्पेक्टरों को पदोन्नत कर सीओ बनाया गया है। शासन ने आदेश जारी करते हुए इसे चयन वर्ष 2025-26 के तहत बड़ा प्रशासनिक फैसला बताया है।
UP Govt Promotes 109 Inspectors to CO Rank: उत्तर प्रदेश पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए राज्य सरकार ने 109 पुलिस निरीक्षकों को पदोन्नत कर पुलिस उपाधीक्षक (सीओ) बना दिया है। इस संबंध में गृह (पुलिस सेवाएं) अनुभाग-1 की ओर से आधिकारिक आदेश जारी कर दिया गया है। आदेश के अनुसार यह पदोन्नति चयन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत की गई है। यह फैसला प्रदेश की कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने और पुलिस बल में मनोबल बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया है। लंबे समय से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे निरीक्षकों के लिए यह निर्णय बड़ी राहत और उत्साह लेकर आया है।
जारी आदेश के मुताबिक, यह पदोन्नति उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग, प्रयागराज के अधीन गठित विभागीय चयन समिति की संस्तुति के आधार पर की गई है। चयन समिति की बैठक 24 मार्च 2026 को आयोजित की गई थी, जिसमें सभी पात्र अधिकारियों के सेवा रिकॉर्ड, कार्यप्रदर्शन और अन्य मानकों का गहन मूल्यांकन किया गया। इसके बाद समिति ने 30 मार्च 2026 को अपनी संस्तुति शासन को भेजी, जिसे राज्यपाल की स्वीकृति के बाद लागू कर दिया गया।
यह पदोन्नति चयन वर्ष 2025-26 (1 जुलाई 2025 से 30 जून 2026) के लिए निर्धारित रिक्तियों के सापेक्ष की गई है। इसमें नागरिक पुलिस के निरीक्षक और प्रतिसार निरीक्षक/दलनायक दोनों श्रेणियों के अधिकारियों को शामिल किया गया है।
पदोन्नत अधिकारियों को पुलिस उपाधीक्षक के पद पर कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से नियुक्त माना जाएगा। उन्हें वेतनमान 15,600-39,100 रुपये (ग्रेड पे 5400) तथा संशोधित वेतन मैट्रिक्स लेवल-10 (56,100 से 1,77,500 रुपये) के अनुसार वेतन मिलेगा।
कार्यालय आदेश में स्पष्ट किया गया है कि इन पदोन्नतियों को राज्यपाल की स्वीकृति प्राप्त है। शासन ने यह भी निर्देश दिए हैं कि सभी संबंधित अधिकारियों को शीघ्र ही उनके नए पदों पर कार्यभार ग्रहण करने की प्रक्रिया पूरी कराई जाए।
इस बड़े स्तर पर हुई पदोन्नति से पुलिस विभाग में उत्साह का माहौल है। लंबे समय से प्रमोशन का इंतजार कर रहे अधिकारियों को अब नई जिम्मेदारियां निभाने का अवसर मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के फैसले से पुलिस बल का मनोबल बढ़ता है और अधिकारियों में बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलती है।
पुलिस उपाधीक्षक (सीओ) का पद क्षेत्रीय स्तर पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में बड़ी संख्या में नए सीओ बनने से प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। नए पदोन्नत अधिकारी अपने अनुभव और कार्यकुशलता के आधार पर अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और जनता से बेहतर संवाद स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
यह पदोन्नति केवल अधिकारियों के लिए ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे विभिन्न जिलों में रिक्त पड़े सीओ पदों को भरा जा सकेगा और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी बनेगी। इसके अलावा, इससे कार्यों का बेहतर विभाजन संभव होगा और वरिष्ठ अधिकारियों पर कार्यभार भी कम होगा।
पदोन्नति के बाद अब इन अधिकारियों के सामने नई चुनौतियां होंगी। सीओ के रूप में उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने, अपराधों पर नियंत्रण रखने और जनता की समस्याओं का समाधान करने की जिम्मेदारी निभानी होगी। शासन और पुलिस मुख्यालय को उम्मीद है कि ये अधिकारी अपनी नई भूमिका में बेहतर प्रदर्शन करेंगे और प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में योगदान देंगे।