लखनऊ

UP Panchayat Election: उत्तर प्रदेश में ग्राम प्रधान बनने के लिए कितनी होनी चाहिए उम्र? कौन लड़ सकता है चुनाव, जानें पूरी योग्यता

UP Panchayat Chunav 2026: उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। अगर आप भी यूपी में ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ना चाहते हैं तो जान लीजिए कि इसके लिए कितनी उम्र और क्या योग्यता होनी चाहिए?
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Sep 05, 2026
Panchayat election
सांकेतिक फाइल फोटो पत्रिका

UP Panchayat Election 2026: उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज होना शुरू हो गई हैं। ग्राम प्रधान से लेकर क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत सदस्य पदों के लिए संभावित उम्मीदवार अपने-अपने इलाकों में सक्रिय होने लगे हैं। उत्तर प्रदेश देश का चौथा सबसे बड़ा राज्य है और माना जाता है कि केंद्र की सत्ता का रास्ता यूपी से ही होकर गुजरता है। ऐसे में राज्य के पंचायत चुनाव भी बहुत अहम हो जाते हैं। अगर आप या आपका कोई जानने वाला ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ना चाहता है तो आपके लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि यूपी में ग्राम प्रधान बनने के लिए कम से कम कितनी उम्र होनी चाहिए और क्या-क्या योग्यताएं जरूरी हैं?

ग्राम प्रधान बनने के लिए न्यूनतम उम्र

उत्तर प्रदेश में ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ने और यह पद संभालने के लिए न्यूनतम आयु 21 वर्ष निर्धारित की गई है। चुनाव लड़ने के लिए कोई अधिकतम आयु सीमा नहीं है। उत्तर प्रदेश पंचायती राज अधिनियम के तहत उम्र के साथ-साथ ग्राम प्रधान बनने के लिए कई अन्य सामाजिक और कानूनी योग्यताएं होना भी अनिवार्य है।

ग्राम प्रधान बनने के लिए चाहिए यह योग्यता

वर्तमान नियमों के मुताबिक उत्तर प्रदेश में ग्राम प्रधान बनने के लिए कोई न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता जैसे 8वीं या 10वीं पास होना अनिवार्य नहीं रखा गया है। कोई भी व्यक्ति जिसे सामान्य रूप से पढ़ना-लिखना आता हो वह चुनाव लड़ सकता है। उम्मीदवार का नाम उसी ग्राम पंचायत की आधिकारिक वोटर लिस्ट में दर्ज होना अनिवार्य है जहां से वह चुनाव लड़ना चाहता है। उम्मीदवार का भारत का नागरिक होना अनिवार्य है।

आरक्षण संबंधी नियम

यदि कोई ग्राम पंचायत सीट किसी विशेष वर्ग जैसे SC, ST, OBC या महिला के लिए आरक्षित है तो उम्मीदवार का उस वर्ग से संबंधित होना और अपना वैध जाति प्रमाण-पत्र जमा करना अनिवार्य होता है। वहीं अगर सीट सामान्य है तो किसी भी वर्ग का 21 वर्ष से अधिक आयु का पात्र व्यक्ति वहां से चुनाव लड़ सकता है। आरक्षण की वास्तविक स्थिति संबंधित चुनाव की अधिसूचना और आरक्षण सूची के आधार पर तय होती है।

कौन नहीं लड़ सकता पंचायत चुनाव

उत्तर प्रदेश पंचायती राज अधिनियम के तहत कुछ विशेष कारणों से कोई व्यक्ति ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य माना जाता है। आइए जानते हैं वे कारण क्या हैं:

  • केंद्र या राज्य सरकार या किसी पंचायत के अधीन किसी भी लाभ के पद पर सरकारी नौकरी करने वाला व्यक्ति चुनाव नहीं लड़ सकता। चुनाव लड़ने के लिए उसे पहले अपने पद से इस्तीफा देना होगा।
  • यदि किसी व्यक्ति को सक्षम न्यायालय द्वारा मानसिक रूप से अस्वस्थ या दिवालिया घोषित किया गया हो।
  • यदि व्यक्ति को किसी गंभीर आपराधिक मामले में अदालत द्वारा 6 महीने या उससे अधिक की सजा सुनाई गई हो।
  • यदि उम्मीदवार पर ग्राम पंचायत या सरकार का कोई टैक्स या शुल्क बकाया हो और उसने उसका भुगतान न किया हो।
  • यदि व्यक्ति ने ग्राम सभा या ग्राम पंचायत की जमीन पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा किया हो।

आपको बता दें कि यूपी पंचायत चुनाव की तारीखों को लेकर अभी राज्य निर्वाचन आयोग की तरफ से कोई आधिकारिक ऐलान नहीं किया है। पिछला पंचायत चुनाव अप्रैल 2021 में हुआ था और इनका 5 साल का कार्यकाल 2026 में पूरा हो चुका है। अब नई पंचायतों के गठन के लिए चुनावी प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार है।

Updated on:
05 Sept 2026 08:15 pm
Published on:
05 Sept 2026 08:15 pm