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अमित अस्थाना की मौत के बाद अपनों में दर्द, NTEP कर्मचारियों ने उठाई निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग

NTEP Employees Issue: अमित अस्थाना के निधन के बाद NTEP कर्मचारियों ने निष्पक्ष समीक्षा की मांग उठाई। लंबित पेट्रोल भुगतान और कार्य व्यवस्था की समस्याओं को लेकर संगठन ने एकजुटता पर जोर दिया।
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लखनऊ

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Ritesh Singh

Sep 05, 2026

लंबित पेट्रोल भुगतान और निजी संसाधनों से काम करने की मजबूरी के बीच संगठन ने कहा-व्यवस्था में सुधार के लिए एकजुट प्रयास जरूरी  (फोटो सोर्स : भाषा संवाद WhatsApp News Group) 

लंबित पेट्रोल भुगतान और निजी संसाधनों से काम करने की मजबूरी के बीच संगठन ने कहा-व्यवस्था में सुधार के लिए एकजुट प्रयास जरूरी  (फोटो सोर्स : भाषा संवाद WhatsApp News Group) 

NTEP Employees: राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम ( NTEP ) से जुड़े कर्मचारियों की कार्य स्थितियों, लंबित पेट्रोल भुगतान और विभागीय व्यवस्थाओं से जुड़ी समस्याओं को लेकर कर्मचारियों के बीच चिंता बढ़ती जा रही है। कई माह से पेट्रोल मद का भुगतान लंबित होने का दावा करते हुए कर्मचारियों ने कहा कि विभागीय जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए उन्हें अपने निजी संसाधनों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि लगातार बढ़ती आर्थिक और कार्यगत कठिनाइयों का सीधा असर उनकी रोजमर्रा की कार्यप्रणाली पर पड़ रहा है।

इसी मुद्दे को लेकर आयोजित बैठक में एनटीईपी कर्मचारियों ने संगठन को मजबूत करने, आपसी समन्वय बढ़ाने और लंबित समस्याओं के समाधान के लिए सामूहिक प्रयास तेज करने पर चर्चा की। बैठक में कर्मचारियों ने कहा कि उनकी मांग किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं है, बल्कि कार्य व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं के समाधान और कर्मचारियों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की है।

पेट्रोल भुगतान लंबित, निजी संसाधनों पर निर्भर कर्मचारी

एनटीईपी के कार्यों में फील्ड स्तर पर लगातार आवागमन और विभिन्न विभागीय जिम्मेदारियों का निर्वहन शामिल है। कर्मचारियों के अनुसार, फील्ड से जुड़े कार्यों के लिए वाहन और ईंधन की आवश्यकता होती है, लेकिन पेट्रोल मद का भुगतान समय से नहीं होने के कारण उन्हें कई बार अपनी जेब से खर्च करना पड़ रहा है।

कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय तक निजी संसाधनों से विभागीय कार्य करना आर्थिक रूप से कठिन है। उनका तर्क है कि यदि कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियां पूरी ईमानदारी से निभा रहे हैं तो उनके आवश्यक खर्चों का भुगतान भी निर्धारित व्यवस्था के अनुसार समय पर होना चाहिए। बैठक में इस समस्या को प्रमुखता से उठाते हुए संबंधित अधिकारियों के सामने तथ्य और अभिलेख रखने की बात कही गई।

अमित अस्थाना के निधन के बाद परिस्थितियों की समीक्षा की मांग

बैठक में हाल ही में अमित अस्थाना के निधन का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। कर्मचारियों के बीच उनकी मृत्यु से पूर्व की परिस्थितियों, वेतन भुगतान और कार्य व्यवस्था से जुड़े विभिन्न पहलुओं को लेकर सवाल उठने की बात कही गई। हालांकि संगठन ने स्पष्ट किया कि उसने किसी व्यक्ति या अधिकारी पर कोई आरोप नहीं लगाया है और न ही किसी निष्कर्ष की पुष्टि की है।

संगठन का कहना है कि ऐसे संवेदनशील मामले में किसी तरह की अटकल या आरोप-प्रत्यारोप के बजाय उपलब्ध अभिलेखों और तथ्यों के आधार पर परिस्थितियों की निष्पक्ष समीक्षा की जानी चाहिए। कर्मचारियों का मानना है कि समय रहते तथ्य सामने आने से न केवल मौजूदा शंकाओं का समाधान होगा, बल्कि भविष्य में ऐसी किसी अप्रिय स्थिति की आशंका को रोकने में भी मदद मिल सकती है।

अभिलेखों के आधार पर स्थिति स्पष्ट कराने की मांग

कर्मचारियों के संगठन ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से मांग की है कि अमित अस्थाना के मामले से जुड़े आवश्यक अभिलेखों और कार्य व्यवस्था की समीक्षा कराई जाए। संगठन चाहता है कि वेतन भुगतान, विभागीय दायित्वों, कार्यस्थल से संबंधित व्यवस्थाओं तथा लागू दिशा-निर्देशों के आधार पर वस्तु स्थिति स्पष्ट की जाए।

कर्मचारियों का कहना है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी संबंधित तथ्यों की जांच आवश्यक है। उनका उद्देश्य किसी पर दोषारोपण करना नहीं, बल्कि वास्तविक स्थिति को सामने लाना है। संगठन ने यह भी संकेत दिया कि यदि स्थानीय स्तर पर समस्याओं का समाधान नहीं होता है तो उपलब्ध दस्तावेजों और तथ्यों के साथ विषय को उच्च अधिकारियों तथा सरकार के समक्ष रखा जाएगा।

‘विरोध नहीं, समाधान हमारा उद्देश्य’

संगठन के प्रदेश अध्यक्ष करुणा शंकर मिश्र ने कहा कि कर्मचारियों का उद्देश्य किसी व्यक्ति या अधिकारी का विरोध करना नहीं, बल्कि समस्याओं का समाधान कराना है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों को तथ्यों और अभिलेखों के आधार पर संबंधित अधिकारियों के सामने रखा जाएगा। उनका कहना है कि यदि जरूरत पड़ी तो कर्मचारियों की समस्याओं को उच्च अधिकारियों और सरकार तक भी पहुंचाया जाएगा। संगठन का प्रयास रहेगा कि बातचीत, समन्वय और तथ्यों के आधार पर समाधान का रास्ता निकले। उन्होंने कर्मचारियों से भी एकजुट होकर अपनी बात शांतिपूर्ण और संगठित तरीके से रखने की अपील की।

संगठन को मजबूत करने पर जोर

बैठक में कर्मचारियों ने संगठन निर्माण को अपनी सामूहिक आवाज मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उनका कहना था कि अलग-अलग स्तर पर उठाई जाने वाली समस्याओं की तुलना में यदि कर्मचारी संगठित होकर तथ्यात्मक तरीके से अपनी बात रखते हैं तो अधिकारियों तक समस्या को प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकता है।

कर्मचारियों ने कहा कि एनटीईपी जैसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य कार्यक्रम के संचालन में फील्ड कर्मचारियों की भूमिका अहम है। ऐसे में कर्मचारियों की कार्य स्थितियों और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता पर भी पर्याप्त ध्यान दिया जाना चाहिए। उनका कहना है कि बेहतर व्यवस्थाओं से कर्मचारियों को काम करने में सुविधा मिलेगी और कार्यक्रम के उद्देश्यों को भी प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सकेगा।

वेतन और कार्य व्यवस्था पर भी चर्चा

बैठक में वेतन भुगतान से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई। कर्मचारियों के अनुसार, समय पर वेतन और अन्य स्वीकृत मदों का भुगतान कर्मचारियों की आर्थिक स्थिरता के लिए आवश्यक है। वहीं, लंबित भुगतानों के कारण निजी स्तर पर खर्च करने की स्थिति बनने से कर्मचारियों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ सकता है। संगठन ने मांग की कि संबंधित विभाग कर्मचारियों से जुड़े लंबित भुगतान और कार्य व्यवस्था की समस्याओं की समीक्षा करे तथा जहां भी आवश्यक हो, समयबद्ध तरीके से समाधान सुनिश्चित किया जाए। कर्मचारियों ने कहा कि विभागीय कार्य प्रभावित न हों, इसके लिए व्यवस्थागत कमियों को दूर करना जरूरी है।
‘सवाल व्यवस्था से है, व्यक्ति से नहीं’

अब ठोस समाधान की उम्मीद

कर्मचारियों की बैठक के बाद अब निगाहें संबंधित अधिकारियों की ओर हैं। कर्मचारियों को उम्मीद है कि लंबित पेट्रोल भुगतान, कार्य व्यवस्था और अमित अस्थाना के निधन से जुड़ी परिस्थितियों की समीक्षा की उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। संगठन ने संकेत दिया है कि वह कर्मचारियों के हितों से जुड़े मुद्दों को आगे भी संगठित तरीके से उठाता रहेगा। कर्मचारियों का कहना है कि उनका उद्देश्य टकराव पैदा करना नहीं, बल्कि संवाद के माध्यम से समाधान हासिल करना है। उनका स्पष्ट संदेश है कि “सवाल व्यवस्था से है, व्यक्ति से नहीं।”