Weather Latest Update यूपी में मौसम तेजी से बदल रहा है। दो दिन की राहत के बाद मौसम विभाग का अलर्ट है कि, उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अगले एक हफ्ते गर्मी अपना प्रचंड रूप दिखाएगी। आने वाले दिनों में भी भीषण लू के थपेड़ों के साथ भारी गर्मी झेलनी पड़ेगी। खासतौर पर 25 अप्रैल से 26 अप्रैल को हालात बेहद खराब रहेंगे।
यूपी में मौसम तेजी से बदल रहा है। दो दिन की राहत के बाद मौसम विभाग का अलर्ट है कि, उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अगले एक हफ्ते गर्मी अपना प्रचंड रूप दिखाएगी। आने वाले दिनों में भी भीषण लू के थपेड़ों के साथ भारी गर्मी झेलनी पड़ेगी। खासतौर पर 25 अप्रैल से 26 अप्रैल को हालात बेहद खराब रहेंगे। मौसम विभाग का अपडेट है कि, लखनऊ में तापमान 42 से 44 डिग्री सेंटीग्रेड से अधिक रहेगा। राजधानी लखनऊ के आस-पास के जिलों में गर्मी से राहत मिलने का कोई आसार नहीं हैं। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पाकिस्तान और आसपास के राज्यों से आने वाली चक्रवाती हवाओं का असर नजर आयेगा। अगले 24 घंटों में अधिकतम तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस बढ़ने के आसार हैं।यूपी का फर्रूखाबाद पूरे देश में सबसे गर्म जिला रहा, जहां फतेहगढ़ इलाके में शुक्रवार दोपहर देश में सबसे ज्यादा तापमान 43.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
लखनऊ मौसम सुबह से ही तपिश
उत्तर प्रदेश मौसम विभाग ने बताया कि, रविवार को लखनऊ के मौसम में सुबह से ही तपिश है। कानपुर, उन्नाव, कन्नौज और आस-पास के जिलों में अधिकतम तापमान 42 से 44 डिग्री सेंटीग्रेड और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेंटीग्रेड था।
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पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बादल की भविष्यवाणी
प्रदेश में 24 घंटे में राजधानी लखनऊ समेत मध्यांचल के सभी जनपदों में भीषण लू की स्थिति बनी रहेगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ जनपदों में हल्के बादल छाए रह सकते हैं। पूर्वांचल के गोरखपुर, वाराणसी, बलिया और मऊ जनपद में सुबह हल्के बादल छाए रहने का अनुमान है। दोपहर में इन सभी शहरों में तापमान 40 डिग्री सेंटीग्रेड के पास रहने का अनुमान है।
भीषण गर्मी से यूपी में बिजली संकट गहराया
मौसम का तापमान बढ़ने के साथ ही प्रदेश की बिजली व्यवस्था पटरी से उतरती जा रही है। वास्तविक स्थिति सामने न आए इसलिए स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर ने आपूर्ति की दैनिक रिपोर्ट तक अपनी वेबसाइट से हटा ली है। प्रदेश में बिजली की मांग 20,000 मेगावाट के आसपास है जबकि उपलब्धता 18000-19000 मेगावाट के बीच चल रही है। कभी-कभार मांग बढ़कर 21000 मेगावाट तक पहुंच रही है।