..... पुरुषार्थ करना भूल जाएंगे तो इस तरह की स्थितियां सामने आएंगी।
लखनऊ. अंतत: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उपचुनावों में भाजपा की करारी हार पर चुप्पी को तोड़ दिया है। योगी ने पराजय से खुद के अवसाद में होने की बात को खारिज करते हुए हार का ठीकरा स्थानीय कार्यकर्ताओं और बड़े नेताओं पर फोड़ा है। इसके साथ ही उन्होंने नोयडा जाने के अपशगुन के कारण हार की चर्चा को खारिज करते हुए दावा किया कि जल्द ही वह बतौर मुख्यमंत्री फिर नोयडा पहुंचने वाले हैं।
कोई एक जिम्मेदार नहीं, यह सामूहिक हार है
एक मीडिया कंपनी के कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथ ने फूलपुर और गोरखपुर में हार के सवाल पर स्पष्ट कहाकि अव्वल सपा-बसपा के गठबंधन को बड़े नेताओं में हल्के में लिया। इसके साथ ही जातीय समीकरणों ने भी अहम रोल निभाया। योगी ने कहाकि ऐसे तमाम मुद्दों के बावजूद हार का मुख्य कारण दूसरा है। योगी के मुताबिक, अति आत्मविश्वास में जब भी कहीं हम कोई काम करेंगे और पुरुषार्थ करना भूल जाएंगे तो इस तरह की स्थितियां सामने आएंगी। दोनों स्थानों के भाजपा कार्यकर्ताओं में यह बात दिल में बैठी थी कि यह तो सीएम, डिप्टी सीएम की सीट है, ऐसे में हारने का सवाल ही नहीं। इसी अतिआत्मविश्वास के कारण कार्यकर्ता घरों में बैठे रहे। जाहिर है कि कार्यकर्ता बाहर नहीं निकले, नतीजे में मतदान प्रतिशत गिरते ही बीजेपी को दोनों सीटों पर हार का सामना करना पड़ा है। योगी ने कहा यह तो तय है कि इस उपचुनाव ने सबित कर दिया है कि किसी में कुव्वत नहीं कि अकेले बीजेपी का सामना कर सके। आदित्यनाथ ने कहाकि वह सीएम नहीं, बल्कि पहले योगी हूं और योगी कहलाना पसंद करते हैं। इसके साथ ही हार और जीत हमारे लिए न उल्लास का विषय होता है न अवसाद का, लेकिन हार से सबक अवश्य लेना चाहिए।
नोयडा अपशगुन नहीं, जल्द ही फिर जाऊंगा
गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा सीट के उपचुनावों में हार को बतौर सीएम नोएडा दौरे से भी जोडक़र देखने पर योगी ने कहा कि अंधविश्वास पर विश्वास करने का सवाल नहीं। गौरतलब है कि यूपी में एक अंधविश्वास प्रचलित है, कि यूपी का जो भी मुख्यमंत्री नोएडा आता है, वह अगला चुनाव जीत नहीं पाता। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पूछा गया कि क्या नोएडा आने के दुष्प्रभाव से आप गोरखपुर और फूलपुर में उपचुनाव हार गए? जवाब में योगी ने कहाकि जल्द ही बतौर सीएम उनका नोएडा में कार्यक्रम लगने वाला है। इसके साथ ही ध्यान रखिए कि योगी के रूप में अशुभ को शुभ करने जाता हूं, इसी तर्ज पर उत्तर प्रदेश के अशुभ को शुभ कर रहा हूं।