
लखनऊ बना सोलर ऊर्जा में बना देश का अव्वल जिला, PC- IANS
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ ने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए देशभर में सोलर इंस्टॉलेशन के मामले में शीर्ष स्थान प्राप्त कर लिया है। राज्य में चल रहे रुफटॉप सौर ऊर्जा के क्षेत्र में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत अभियान ने लखनऊ को राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बना दिया है।
उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा अभिकरण के निदेशक इंद्रजीत सिंह ने बताया कि पीएम सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना के अंतर्गत लखनऊ में अब तक 87,000 से अधिक रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं, जो देश के किसी भी जिले में सबसे अधिक हैं। 15 अप्रैल तक लखनऊ में 3,133 रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए गए। यह उपलब्धि लखनऊ को सोलर ऊर्जा अपनाने के मामले में देश का अग्रणी जिला बनाती है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, शहरी क्षेत्रों में घरेलू गैस के स्थान पर इंडक्शन कुकटॉप के बढ़ते उपयोग तथा इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग के कारण बिजली की खपत में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसके साथ ही, बढ़ते बिजली बिल को नियंत्रित करने की इच्छा और पर्यावरण संरक्षण के प्रति बढ़ती जागरूकता ने लोगों को तेजी से सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित किया है।
रूफटॉप सोलर सिस्टम उपभोक्ताओं को दीर्घकालिक आर्थिक लाभ प्रदान कर रहे हैं और उन्हें ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बना रहे हैं। केंद्र सरकार के साथ-साथ राज्य सरकार की सोलर सब्सिडी और सरल आवेदन प्रक्रिया इस वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। साथ ही, डिस्कॉम और संबंधित एजेंसियों के सहयोग से इंस्टॉलेशन प्रक्रिया अधिक तेज और सुगम हो गई है।
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुक्त बिजली योजना (PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana) केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसे फरवरी 2024 में शुरू किया गया था। इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश के एक करोड़ घरों की छत पर सोलर पैनल लगाकर हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली प्रदान करना है। योजना के तहत सरकार ₹30,000 से ₹78,000 तक की सब्सिडी देती है, जिससे आम नागरिकों का बिजली बिल लगभग जीरो हो जाता है और सालाना हजारों रुपये की बचत होती है।
1-2 किलोवाट सिस्टम पर ₹30,000 प्रति किलोवाट, 2-3 किलोवाट अतिरिक्त पर ₹18,000 प्रति किलोवाट और अधिकतम 3 किलोवाट या उससे ऊपर सिस्टम पर ₹78,000 तक की सब्सिडी मिलती है। इससे न सिर्फ बिजली बिल बचता है, बल्कि अतिरिक्त बिजली ग्रिड को बेचकर अतिरिक्त कमाई भी की जा सकती है। यह योजना पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
योजना का लाभ लेने के लिए पात्रता काफी सरल है। कोई भी भारतीय नागरिक जिसके पास अपना घर और उपयुक्त छत हो, वह इस योजना का लाभ ले सकता है। घर में पहले से सोलर सिस्टम नहीं लगा होना चाहिए और बिजली कनेक्शन किसी डिस्कॉम (बिजली वितरण कंपनी) से जुड़ा होना चाहिए। ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी या रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन भी कॉमन एरिया के लिए आवेदन कर सकते हैं। योजना पूरे भारत में लागू है और इसमें कोई आय सीमा नहीं है।
आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट https://pmsuryaghar.gov.in/ पर जाएं। मोबाइल नंबर से रजिस्ट्रेशन करें और ओटीपी वेरिफाई करें। इसके बाद राज्य, जिला, डिस्कॉम और बिजली कंज्यूमर नंबर डालकर फॉर्म भरें। डिस्कॉम से फीजिबिलिटी अप्रूवल मिलने के बाद पोर्टल पर रजिस्टर्ड वेंडर चुनें। वेंडर साइट सर्वे करेगा और सोलर प्लांट इंस्टॉल करेगा। इंस्टॉलेशन पूरा होने और नेट मीटरिंग सक्रिय होने के बाद सब्सिडी सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर हो जाती है। जरूरी दस्तावेजों में आधार कार्ड, बिजली बिल, बैंक डिटेल्स और घर का प्रमाण शामिल हैं।
योजना से जुड़ी हेल्पलाइन नंबर 15555 पर संपर्क किया जा सकता है। आवेदन करते समय केवल आधिकारिक पोर्टल का ही उपयोग करें और किसी फर्जी एजेंट से बचें। यह योजना न सिर्फ बिजली बिल से मुक्ति दिलाती है, बल्कि देश को सौर ऊर्जा की ओर ले जाने में भी मदद करती है। इच्छुक नागरिक तुरंत पोर्टल पर जाकर आवेदन शुरू कर सकते हैं और स्वच्छ ऊर्जा का लाभ उठा सकते हैं।
Updated on:
18 Apr 2026 07:33 pm
Published on:
18 Apr 2026 07:32 pm
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