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UP में पेट्रोल-डीजल और LPG कालाबाजारी पर सख्ती, हजारों छापे, सप्लाई सामान्य

UP Cracks Down on Fuel Black: उत्तर प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कालाबाजारी पर बड़ी कार्रवाई हुई। 29 हजार से अधिक छापों के बाद आपूर्ति सामान्य हुई, सरकार ने पैनिक बाइंग से बचने की अपील की।

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लखनऊ

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Ritesh Singh

Apr 18, 2026

यूपी में ईंधन कालाबाजारी पर बड़ा एक्शन (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

यूपी में ईंधन कालाबाजारी पर बड़ा एक्शन (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

UP Cracks Down on Fuel Black Marketing: उत्तर प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कालाबाजारी को लेकर बड़ा प्रशासनिक अभियान चलाया गया है। राज्य सरकार के निर्देश पर की गई सख्त कार्रवाई के तहत अब तक 29 हजार से अधिक छापेमारी की गई है, जिससे आपूर्ति व्यवस्था को सामान्य करने में महत्वपूर्ण सफलता मिली है।

राज्य सरकार ने साफ संकेत दिया है कि आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस अभियान के जरिए न केवल अवैध भंडारण और ओवरचार्जिंग पर रोक लगाई गई है, बल्कि आम जनता को राहत भी पहुंचाई गई है।

बड़े पैमाने पर छापेमारी

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, प्रदेशभर में 29,000 से अधिक स्थानों पर छापेमारी की गई। इसमें पेट्रोल पंप, गैस एजेंसियां, गोदाम और संदिग्ध वितरण केंद्र शामिल थे। इन छापों के दौरान कई जगहों पर अनियमितताएं पाई गईं, जिनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जांच अभियान अभी भी जारी रहेगा और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

सख्त कानूनी कार्रवाई

कालाबाजारी के मामलों में अब तक 220 से अधिक एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। इसके अलावा 22 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 261 अन्य के खिलाफ विभिन्न स्तरों पर कार्रवाई की गई है। प्रशासन का कहना है कि इस तरह की सख्त कार्रवाई से अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी और बाजार में पारदर्शिता बनी रहेगी।

आपूर्ति व्यवस्था हुई सामान्य

लगातार कार्रवाई के बाद अब पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति सामान्य हो गई है। कई जिलों में जहां पहले किल्लत की शिकायतें मिल रही थीं, वहां अब स्थिति नियंत्रण में है।सरकार का दावा है कि निगरानी तंत्र को और मजबूत किया गया है, जिससे भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो।

PNG कनेक्शन बढ़ाने पर जोर

इस पूरे अभियान के दौरान सरकार ने वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को भी बढ़ावा देने की दिशा में कदम उठाए हैं। प्रदेश में 51,548 नए PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शन जारी किए गए हैं, जिससे घरेलू गैस आपूर्ति को अधिक सुलभ और सुरक्षित बनाया जा सके। सूत्रों का मानना है कि PNG कनेक्शन बढ़ने से सिलेंडर पर निर्भरता कम होगी और कालाबाजारी की संभावनाएं भी घटेंगी।

योगी आदित्यनाथ की अपील

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे घबराहट में खरीदारी (पैनिक बाइंग) से बचें। उन्होंने कहा कि राज्य में ईंधन और गैस की पर्याप्त उपलब्धता है और किसी को भी अनावश्यक रूप से भंडारण करने की जरूरत नहीं है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें।

अफवाहों पर सख्ती

सरकार ने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से फैल रही अफवाहों पर भी सख्त नजर रखी है। कई मामलों में भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है।अधिकारियों का कहना है कि अफवाहें ही पैनिक बाइंग का मुख्य कारण बनती हैं, जिससे कृत्रिम संकट पैदा हो जाता है।

प्रशासन की रणनीति

राज्य सरकार ने इस पूरे मामले में बहुस्तरीय रणनीति अपनाई है। एक ओर जहां छापेमारी और कानूनी कार्रवाई की जा रही है, वहीं दूसरी ओर आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने के लिए कंपनियों और एजेंसियों के साथ समन्वय भी किया जा रहा है। जिला स्तर पर अधिकारियों को नियमित रूप से स्थिति की रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, कंट्रोल रूम भी सक्रिय किए गए हैं, जहां आम नागरिक अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

आम जनता को राहत

सरकार की इस कार्रवाई से आम जनता को काफी राहत मिली है। बाजार में ईंधन की उपलब्धता बढ़ने से लंबी कतारें और कृत्रिम कमी जैसी समस्याएं कम हुई हैं। लोगों का कहना है that प्रशासन की सख्ती से व्यवस्था में सुधार आया है और अब उन्हें पहले जैसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा।