24 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

राहुल गांधी पर FIR मामले में कोर्ट ने अपना आदेश बदला, कहा- बिना नोटिस केस दर्ज करना ठीक नहीं

Rahul Gandhi News : इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने के अपने ही आदेश को संशोधित कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि बिना नोटिस दिए केस दर्ज करना उचित नहीं है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

लखनऊ

•

image

Avaneesh Kumar Mishra

•

Updated: 18 Apr 2026, 6:26 PM IST

राहुल गाधी के खिलाफ दर्ज नहीं होगी FIR, PC- ANI

लखनऊ : इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ दोहरी नागरिकता (Dual Citizenship) मामले में FIR दर्ज करने संबंधी अपने ही आदेश को बदल दिया है। कोर्ट ने शनिवार को अपनी वेबसाइट पर संशोधित आदेश जारी किया।

17 अप्रैल को जज ने दिया था FIR का आदेश

शुक्रवार (17 अप्रैल 2026) को न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की एकलपीठ ने याचिका की सुनवाई की। याचिकाकर्ता समेत केंद्र और राज्य सरकार के वकीलों से कोर्ट ने पूछा कि क्या राहुल गांधी को नोटिस जारी करने की जरूरत है? सभी पक्षों ने नोटिस की कोई आवश्यकता नहीं बताई। इसके बाद कोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश पारित कर दिया था।

आदेश में हुआ संशोधन

हालांकि, आदेश के टाइप होने से पहले न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी ने फैसले की फिर से समीक्षा की। पुराने प्रेसिडेंट केसों और कानूनी प्रक्रिया का अध्ययन करने के बाद उन्होंने पाया कि ऐसे मामलों में आरोपी को नोटिस जारी करना जरूरी है।

कोर्ट ने कहा कि बिना नोटिस दिए राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश उचित नहीं है। इसलिए कोर्ट ने अपने पिछले आदेश को संशोधित कर दिया।

कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 20 अप्रैल 2026 (सोमवार) के लिए तय कर दी है। इस सुनवाई में राहुल गांधी या उनके वकील को नोटिस जारी करने और उनका पक्ष सुनने के बाद अंतिम फैसला लिया जाएगा। याचिकाकर्ता कर्नाटक के भाजपा कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर ने कहा वह CJI से मामले की शिकायत करेंगे।

याचिकाकर्ता कौन हैं?

याचिकाकर्ता एस. विग्नेश शिशिर कर्नाटक के भाजपा कार्यकर्ता और वकील हैं। उन्होंने 2024 से इस मामले पर लगातार शिकायतें की हैं। इसमें शामिल हैं। मई 2024 में चुनाव आयोग को आपत्ति, 2024 में हाईकोर्ट में PIL (जिसे खारिज कर MHA को जवाब देने को कहा गया), जुलाई 2024 में गृह मंत्रालय को विस्तृत शिकायत और वीडियो सबूत, तथा 2025 में BNSS की धारा 173(4) के तहत रायबरेली की ACJM कोर्ट में FIR की मांग।

जानें याचिकाकर्ता ने क्या लगाए आरोप

याचिकाकर्ता का मुख्य दावा यह है कि राहुल गांधी ने ब्रिटेन की एक कंपनी के वार्षिक रिटर्न में खुद को ब्रिटिश नागरिक बताया और लंदन का पता दिया। उनके पास यूके सरकार के कुछ 'गुप्त ईमेल और दस्तावेज' भी होने का दावा है। उन्होंने राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है, जिसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएं 318, 335, 340, 236, 237, 61, 148, 147, 152, 238, 336(3), 351 आदि के साथ Official Secrets Act 1923, Passport Act 1967 और Foreigners Act 1946 भी शामिल हैं।