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हाईकोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ दिए FIR के आदेश, ब्रिटिश नागरिकता की होगी जांच

Rahul Gandhi British Citizenship : राहुल गांधी की दोहरी नागरिकता मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने FIR दर्ज करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने गृह मंत्रालय से रिकॉर्ड तलब किए हैं। याचिकाकर्ता ने राहुल गांधी के ब्रिटिश नागरिक होने का दावा किया है।

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राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने के आदेश, PC- ANI

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया है। दोहरी नागरिकता से जुड़े मामले में शुक्रवार को लखनऊ बेंच में सुनवाई हुई। यह फैसला निचली अदालत के खिलाफ आया है। उस फैसले में विशेष MP/MLA कोर्ट, लखनऊ ने FIR दर्ज कराने की मांग खारिज कर दी थी, क्योंकि अदालत ने खुद को नागरिकता/राष्ट्रीयता के मुद्दे पर फैसला करने के लिए अक्षम बताया था।

इस मामले में हाईकोर्ट ने याचिका पर कई सुनवाइयां की हैं। केंद्र सरकार को पक्षकार बनाने की अनुमति दी, गृह मंत्रालय (MHA) से 2019 वाले रिकॉर्ड मंगवाए।

सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी ने गृह मंत्रालय के फॉरेनर्स डिवीजन को निर्देश दिए कि मामले से संबंधित सभी जरूरी दस्तावेज, जिनमें गोपनीय फाइलें भी शामिल हैं, अगली तारीख पर प्रस्तुत किए जाएं।

याचिकाकर्ता एस. विग्नेश शिशिर ने दावा किया कि उन्होंने अदालत के समक्ष ऐसे दस्तावेज और साक्ष्य पेश किए हैं, जिनसे संकेत मिलता है कि राहुल गांधी यूनाइटेड किंगडम में मतदाता रहे हैं और वहां के चुनावों में भागीदारी से जुड़े रिकॉर्ड मौजूद हैं। हालांकि, इन दावों की सत्यता पर अंतिम फैसला न्यायालय द्वारा ही लिया जाएगा।

याचिकाकर्ता कौन हैं?

याचिकाकर्ता एस. विग्नेश शिशिर कर्नाटक के भाजपा कार्यकर्ता और वकील हैं। उन्होंने 2024 से इस मामले पर लगातार शिकायतें की हैं। इसमें शामिल हैं। मई 2024 में चुनाव आयोग को आपत्ति, 2024 में हाईकोर्ट में PIL (जिसे खारिज कर MHA को जवाब देने को कहा गया), जुलाई 2024 में गृह मंत्रालय को विस्तृत शिकायत और वीडियो सबूत, तथा 2025 में BNSS की धारा 173(4) के तहत रायबरेली की ACJM कोर्ट में FIR की मांग।

जानें याचिकाकर्ता ने क्या लगाए आरोप

याचिकाकर्ता का मुख्य दावा यह है कि राहुल गांधी ने ब्रिटेन की एक कंपनी के वार्षिक रिटर्न में खुद को ब्रिटिश नागरिक बताया और लंदन का पता दिया। उनके पास यूके सरकार के कुछ 'गुप्त ईमेल और दस्तावेज' भी होने का दावा है। उन्होंने राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है, जिसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएं 318, 335, 340, 236, 237, 61, 148, 147, 152, 238, 336(3), 351 आदि के साथ Official Secrets Act 1923, Passport Act 1967 और Foreigners Act 1946 भी शामिल हैं।

यह याचिका आपराधिक प्रार्थना पत्र (क्रिमिनल एप्लिकेशन) के रूप में दाखिल की गई है। इसमें 28 जनवरी 2026 को लखनऊ की स्पेशल MP-MLA मजिस्ट्रेट कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश को चुनौती दी गई है। निचली अदालत ने कोतवाली थाना, रायबरेली को FIR दर्ज करने के निर्देश देने से इनकार कर दिया था। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने इस याचिका को स्वीकार कर लिया है और राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दे दिया है।

याचिका में राहुल गांधी पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की विभिन्न धाराओं के अलावा Official Secrets Act 1923, Passport Act 1967 और Foreigners Act 1946 के उल्लंघन के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। याचिकाकर्ता का कहना है कि यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा और नागरिकता से जुड़ा बेहद संवेदनशील विषय है।