13 जून 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

यूपी जनगणना: नवाबों का शहर बना जनसंख्या का ‘पावरहाउस’! 64 लाख के करीब पहुंचा लखनऊ

Lucknow News: साल 2011 की जनगणना में लखनऊ जिले की आबादी की बात करें तो ये 45.89 लाख दर्ज की गई थी। मौजूदा अनुमान के मुताबिक, पिछले 15 सालों में जिले में करीब 18.32 लाख लोगों की बढ़ोतरी हुई है।

2 min read
Google source verification

लखनऊ

image

Harshul Mehra

Jun 13, 2026

up census lucknow is growing towards a population of around 6 point 4 million

लखनऊ जनगणना। (फोटो- Patrika.com)

Lucknow News: नवाबों का शहर लखनऊअब सिर्फ उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक राजधानी भर नहीं रह गया है, बल्कि देश के सबसे तेजी से बढ़ते महानगरों में भी अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। जनगणना के हाउस लिस्टिंग एवं हाउसिंग सेंसस अभियान से जुड़े ताजा आंकड़े संकेत दे रहे हैं कि जिले की आबादी 64.21 लाख के आंकड़े तक पहुंच सकती है। यदि अंतिम जनगणना में यह अनुमान सही साबित होता है तो लखनऊ आबादी के मामले में जयपुर, नागपुर, भोपाल, कानपुर और इंदौर जैसे कई प्रमुख शहरों को पीछे छोड़ सकता है।

15 वर्षों में 18 लाख से अधिक बढ़ी आबादी

वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार लखनऊ जिले की कुल आबादी 45.89 लाख थी। वर्तमान अनुमान के मुताबिक बीते डेढ़ दशक में जिले की आबादी में लगभग 18.32 लाख की बढ़ोतरी हुई है। यह वृद्धि करीब 40 प्रतिशत के आसपास है, जो शहर के लगातार विस्तार और बढ़ते आकर्षण को दर्शाती है।

50 लाख से ज्यादा लोगों का सर्वे पूरा

जनगणना प्रगति रिपोर्ट के अनुसार अनुमानित 64.21 लाख आबादी में से 50 लाख से अधिक लोगों का सर्वेक्षण पूरा किया जा चुका है। इनमें लगभग 44.31 लाख लोग नगर निगम क्षेत्र में निवास करते हैं, जबकि 19.89 लाख लोग ग्रामीण क्षेत्रों और नगर पंचायतों में रहते हैं। आंकड़े बताते हैं कि जिले की करीब 69 प्रतिशत आबादी अब शहरी क्षेत्रों में केंद्रित हो चुकी है।

रोजगार और बेहतर सुविधाएं खींच रहीं लोगों को

राजधानी होने के कारण लखनऊ रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं का प्रमुख केंद्र बन चुका है। बेहतर अवसरों की तलाश में बड़ी संख्या में लोग यहां आकर बस रहे हैं। यही वजह है कि पिछले कुछ वर्षों में शहर की जनसंख्या तेजी से बढ़ी है।

शहर का विस्तार बना आबादी बढ़ने की बड़ी वजह

शहीद पथ, गोमतीनगर विस्तार, सुल्तानपुर रोड, कानपुर रोड, कुर्सी रोड और मोहनलालगंज जैसे क्षेत्रों में हुए तेज विकास ने भी आबादी वृद्धि में अहम योगदान दिया है। नए आवासीय प्रोजेक्ट, बेहतर सड़क नेटवर्क और बढ़ती व्यावसायिक गतिविधियों ने इन इलाकों को लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना दिया है।

बढ़ती आबादी के साथ बढ़ रहीं चुनौतियां

हालांकि जनसंख्या वृद्धि विकास का संकेत है, लेकिन इसके साथ शहर की चुनौतियां भी बढ़ रही हैं। यातायात व्यवस्था, आवास, पेयजल आपूर्ति, सीवर नेटवर्क और सार्वजनिक परिवहन जैसी सुविधाओं पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में आगामी जनगणना के आंकड़े शहर की भविष्य की विकास योजनाओं और संसाधनों के बेहतर प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण आधार साबित होंगे।

महानगर बनने की ओर बढ़ रहा लखनऊ

जनसंख्या के मौजूदा अनुमान यह संकेत दे रहे हैं कि लखनऊ अब पारंपरिक राजधानी शहर की पहचान से आगे बढ़कर देश के बड़े महानगरों की श्रेणी में शामिल होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। आने वाले वर्षों में यह बदलाव शहर की आर्थिक, सामाजिक और बुनियादी संरचना पर भी बड़ा प्रभाव डाल सकता है।