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UP News: जनगणना फॉर्म के ‘अचरज’ भरे सावल! दो पत्नियां और दो पति होने पर क्या जवाब देना होगा?

UP News: जनगणना फॉर्म के सवालों ने लोगों की दिलचस्पी बढ़ा दी है। जानिए, दो पत्नियां होने और दो पति होने पर क्या जवाब देना होगा?

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लखनऊ

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Harshul Mehra

May 11, 2026

questions on census form piqued people interest what answers given if two wives and two husbands up news

जनगणना फॉर्म (Photo AI)

UP News: आगामी जनगणना को लेकर तैयार किए गए फॉर्म में शामिल कई सवाल और उनके विकल्प लोगों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं। कुछ सवाल अचरज भरे हैं। जनगणना फॉर्म में परिवार की संरचना, मुखिया और दंपति की गणना से जुड़े कुछ ऐसे प्रावधान रखे गए हैं, जिन्हें लेकर लोगों में काफी उत्सुकता देखी जा रही है।

34 सवालों वाले इस फॉर्म में परिवार और वैवाहिक स्थिति से जुड़े सवालों को विशेष तरीके से तैयार किया गया है, ताकि परिवारों की वास्तविक संरचना को सही तरीके से दर्ज किया जा सके।

पत्नी की संख्या के आधार पर तय होगी दंपति की गणना

जनगणना फॉर्म में एक सवाल यह भी शामिल किया गया है कि किसी व्यक्ति की कितनी पत्नियां हैं। नियमों के अनुसार यदि किसी पुरुष की दो पत्नियां हैं तो उसे “डबल फैमिली” यानी दो दंपति माना जाएगा।

वहीं यदि किसी महिला के दो पति हैं, तब भी उसे “सिंगल फैमिली” यानी एक दंपति की श्रेणी में रखा जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक परिवार में दंपति की संख्या पत्नी की संख्या के आधार पर तय की जाएगी। सरल शब्दों में कहा जाए तो जितनी पत्नियां होंगी, उतने ही दंपति माने जाएंगे।

परिवार का मुखिया कोई भी हो सकता है

जनगणनाफॉर्म में परिवार के मुखिया को लेकर भी विशेष व्यवस्था की गई है। किसी परिवार में दादा-दादी, माता-पिता और बेटे-बहू सभी साथ रहते हों, तब भी यह जरूरी नहीं होगा कि परिवार का मुखिया सबसे बुजुर्ग व्यक्ति ही माना जाए। परिवार के सदस्य जिस व्यक्ति को मुखिया बताएंगे, उसी का नाम फॉर्म में दर्ज किया जाएगा। यह अधिकार परिवार पर छोड़ा गया है कि वह किसे मुखिया मानता है।

महिला भी बन सकती है परिवार की मुखिया

जनगणना अधिकारियों के अनुसार परिवार की मुखिया कोई भी महिला हो सकती है। चाहे वह पत्नी हो, बहू, दादी या पुत्री। इसके लिए उम्र की कोई बाध्यता तय नहीं की गई है। यदि परिवार के सदस्य किसी महिला को घर का मुखिया बताते हैं तो जनगणना फॉर्म में उसी का नाम दर्ज किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य परिवार की वास्तविक सामाजिक संरचना को सामने लाना है।

लोग खुद भी भर सकेंगे जनगणना फॉर्म

फील्ड ट्रेनर (जनगणना) श्रवण जायसवाल ने बताया कि जनगणना प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए लोगों को खुदऑनलाइन फॉर्म भरने की सुविधा भी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि लोग se.census.gov.in पर जाकर फॉर्म भर सकते हैं। प्रत्येक सवाल के नीचे विकल्प दिए गए हैं ताकि लोगों को जवाब देने में आसानी हो। हालांकि ऑनलाइन जानकारी भरने के बाद भी सत्यापन के लिए जनगणना टीम मौके पर जाएगी।

नौकर और साथ रहने वाले दोस्तों को लेकर भी नियम

जनगणना फॉर्म में परिवार की परिभाषा को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं। अगर कोई घरेलू नौकर परिवार के साथ रहता है या उसी रसोई का भोजन करता है, तो उसे भी परिवार का सदस्य माना जाएगा और उसका विवरण फॉर्म में दर्ज करना होगा।

इसी तरह यदि चार दोस्त एक साथ कमरे में रहते हैं, तो उन्हें भी एक परिवार माना जाएगा। उस परिवार का मुखिया कोई भी दोस्त हो सकता है।

दुकान या बरामदे को नहीं माना जाएगा कमरा

जनगणना में आवासीय स्थिति का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा। यदि कोई परिवार किसी दुकान में सोता है तो उस स्थान को कमरा या घर नहीं माना जाएगा। ऐसी स्थिति में कमरे के स्थान पर शून्य अंकित किया जाएगा। इसके अलावा बरामदा, गैलरी और छज्जा को भी कमरे की श्रेणी में शामिल नहीं किया जाएगा।

आवासीय स्थिति का भी होगा आकलन

अधिकारियों के अनुसार जनगणना के जरिए यह भी पता लगाया जाएगा कि कितने परिवारों के पास रहने के लिए पर्याप्त कमरे हैं और कितने परिवार बिना कमरे के जीवन बिता रहे हैं, इसलिए परिवार के लिए सोने योग्य कमरे को ही वास्तविक आवासीय इकाई माना गया है। जनगणना के जरिए देश की सामाजिक और आवासीय स्थिति से जुड़ी विस्तृत जानकारी जुटाई जाएगी।