
यूपी जनगणना 2027
UP Census 2027: पूरे देश में 1 अप्रैल से जनगणना शुरू हो गई है। उत्तर प्रदेश में भी जल्दी ही जनगणना शुरू होने जा रही है। यहां दो चरणों में जनगणना कराई जाएगी। पहले चरण में मकान का सूचीकरण और उनकी स्थिति के बारे में आकलन किया जाएगा। दूसरे चरण में जनसंख्या गणना कराई जाएगी। पहले चरण में स्व-गणना की प्रक्रिया 7 मई से 21 मई तक चलेगी इसके बाद अधिकारी 22 मई से 20 जून घर-घर जाकर फील्ड कार्य पूरा करेंगे। जातिगत गणना दूसरे चरण में ही कराई जाएगी।
इस बार ये पहली बार होगा जब जनगणना डिजिटल रूप से आयोजित की जाएगी। इसमें डेटा जुटाना, उनकी एंट्री करना, सत्यापन करना और निगरानी समेत सभी कार्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर किए जाएंगे। लोगों को स्व-गणना का भी ऑप्शन दिया जाएगा यानी वोटर स्वयं अपना डेटा जमाकर इस जनगणना में शामिल हो सकेंगे। इस बार की जनगणना इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि पहली बार इसमें मिलिट्री नेटवर्क जैसे सिक्योरिटी रहेगी। इस बार की जनगणना में लिव-इन जोड़ों की विवाहित जोड़ों जैसी एंट्री भी शामिल होगी।
जनगणना के पहले चरण में मकान का सूचीकरण और मकानों की गणना की जाएगी। इसके लिए लोगों से 33 सवाल पूछे जाएंगे। इन सभी सवालों की सटीक जानकारी लोगों को गणना के लिए आए हुए अधिकारियों को देनी होगी।
उत्तर प्रदेश में जनगणना के लिए लगभग छह लाख से अधिक कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। ये कर्मचारी लोगों के घर-घर जाकर मकानों का सूचीकरण करेंगे और सारा डेटा जुटाएंगे। ध्यान रखें कि हर नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह जनगणना अधिकारियों को सही और सटीक जानकारी दे। यदि आप जानकारी देने से मना करते हैं या गलत जानकारी देते हैं तो 1000 रुपये तक का जुर्माना लग सकता है।
Published on:
02 Apr 2026 04:16 pm
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