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लखनऊ में भारी बवाल: पुलिस ने वकीलों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा

Police Beaten Lawyers: लखनऊ में कैसरबाग स्थित सिविल कोर्ट के बाहर पुलिस ने वकीलों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। क्या है पूरा मामला, आइए जानते हैं…

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लखनऊ

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Vinay Shakya

May 17, 2026

Lathicharge in Lucknow

पुलिस ने वकीलों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा (Photo- ANI Video Screenshot)

सिविल कोर्ट के बाहर वकीलों पर लाठीचार्ज

राजधानी लखनऊ में कैसरबाग स्थित सिविल कोर्ट के बाहर भारी बवाल हुआ है। कोर्ट के बाहर बने कक्षों पर नगर निगम द्वारा चलाए गए ध्वस्तीकरण अभियान (Demolition Drive) के दौरान प्रदर्शनकारी वकीलों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज (Police lathicharge) कर दिया। पुलिस की कार्रवाई के दौरान लोगों ने पथराव कर दिया।

वकील सिविल कोर्ट के बाहर बने कक्षों को तोड़े जाने का विरोध कर रहे थे। नगर द्वारा कक्ष तोड़े जाने पर वकील भड़क गए और बुलडोजर के सामने खड़े हो गए। पुलिस ने वकीलों को हटाने की कोशिश की, लेकिन मामला बिगड़ गया। तीखी नोकझोंक के बाद पुलिस ने वकीलों की भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज कर दिया। पुलिस ने वकीलों को दौड़ा-दौड़ा कर लाठियां बरसाईं। इस दौरान भीड़ में भागते हुए कुछ लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया।

क्या है मामला?

हाई कोर्ट ने जिला कोर्ट के बाहर अतिक्रमण को हटाने का आदेश दिया था। होई कोर्ट के आदेश के बाद नगर निगम ने 240 अवैध निर्माण चिह्नित किए। इसमें ज्यादातर वकीलों के चैंबर और दुकानें हैं। रविवार को नगर निगम की टीम 10 बुलडोजर लेकर 300 पुलिसवालों के साथ अतिक्रमण हटाने पहुंची। इस दौरान वकीलों ने नगर निगम की कार्रवाई का विरोध किया। पुलिस और नगर निगम की टीम की कार्रवाई रोकने को लेकर वकीलों से विवाद बढ़ गया। माहौल बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया।

जनवरी 2026 में कोर्ट परिसर के बाहर अवैध कब्जों को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। वकील सुनीता सिंह समेत अन्य कई लोगों ने वकीलों के चैंबर और अतिक्रमण को लेकर कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। इसके बाद 7 मई को हाई कोर्ट ने अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया था।

कोर्ट के आदेश पर नगर निगम ने 12 मई को अवैध चैंबरों और ढांचों पर लाल रंग का निशान (क्रॉस) लगाया था। इसके बाद नोटिस जारी करके 16 मई तक अवैध अतिक्रमण खाली करने का निर्देश दिया गया था। इसके बाद आज नगर निगम की टीम बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंची थी।

पुलिस और नगर निगम की टीम पर पथराव का आरोप

अतिक्रमण हटाने के दौरान हुई झड़प और पथराव में 4 लोग घायल हुए हैं। घायलों में 3 अधिवक्ता और एक पुलिसकर्मी शामिल है। घायल हुए सभी लोग बलरामपुर अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे थे। अस्पताल में एक वकील अनिल कुमार भर्ती है, जबकि अन्य लोग इलाज के बाद वापस लौट गए हैं। अधिवक्ता शुभम यादव ने कहा कि पुलिस और नगर निगम द्वारा लाठी चार्ज किया गया है। सभी वकीलों को चैंबर तोड़े जा रहे हैं। नगर निगम के कर्मचारियों ने पथराव किया है, गलत कार्रवाई हुई है।