19 अप्रैल 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

महिला आरक्षण पर गरजे योगी, सपा-कांग्रेस को बताया नारी शक्ति का दुश्मन, कहा- गेस्ट हाउस कांड के पाप धोने का मौका गंवाया

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को राजधानी लखनऊ में भाजपा और सहयोगी दलों के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान मुख्यमंत्री के निशाने पर मुख्य रूप से समाजवादी पार्टी और कांग्रेस रही। योगी आदित्यनाथ ने संसद में महिला आरक्षण बिल को लेकर विपक्षी गठबंधन इंडी (I.N.D.I.A.) पर तीखा हमला बोला। लोकसभा […]

2 min read
Google source verification

लखनऊ

image

Aman Pandey

Apr 19, 2026

Yogi Adityanath

सीएम योगी। (Photo: IANS)

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को राजधानी लखनऊ में भाजपा और सहयोगी दलों के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान मुख्यमंत्री के निशाने पर मुख्य रूप से समाजवादी पार्टी और कांग्रेस रही। योगी आदित्यनाथ ने संसद में महिला आरक्षण बिल को लेकर विपक्षी गठबंधन इंडी (I.N.D.I.A.) पर तीखा हमला बोला।

लोकसभा में द्रौपदी के चीरहरण जैसा बर्ताव हुआ

सीएम ने कहा कि इंडी गठबंधन का आचरण सदन के भीतर द्रौपदी के चीरहरण जैसा था। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि विपक्ष कभी नहीं चाहता कि परिवार के बाहर की किसी भी नारी को नेतृत्व का अधिकार मिले।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत करते हुए कहा कि वर्तमान में संसद में महिला सांसदों की संख्या 78 है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस संख्या को बढ़ाना चाहते थे। लेकिन कांग्रेस और सपा इसमें सबसे बड़ा बैरियर बनकर सामने आए। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा के पास गेस्ट हाउस कांड के पुराने पाप धोने का एक सुनहरा मौका था, लेकिन उन्होंने इसे भी गंवा दिया।

'परिवारवाद की राजनीति महिला बिल में अड़ंगा'

योगी ने आरोप लगाया कि इन दलों की मानसिकता केवल अपने परिवार तक सीमित है। वे चाहते हैं कि सत्ता और अधिकार केवल उनके परिवार की महिलाओं तक ही रहे, देश की किसी अन्य नारी को इसका लाभ न मिले। इसी संकीर्ण सोच के कारण इन्होंने बिल का विरोध किया।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि साल 2023 में यह अधिनियम मंजूर हुआ था और इसे 2029 से प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए संशोधन बिल लाया गया। इसके लिए विशेष सत्र भी बुलाया गया था। पीएम मोदी ने स्पष्ट रूप से आश्वासन दिया था कि किसी का हक नहीं छीना जाएगा और लोकसभा व विधानसभा की सीटें बढ़ाई जाएंगी।

'सदन में विपक्ष का आचरण अक्षम्य'

योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने दक्षिण भारतीय राज्यों को भी भरोसा दिया था कि उनके अधिकारों में कोई कटौती नहीं होगी। पूरा सदन एकजुट होकर महिलाओं को उनका हक दे सकता था, लेकिन इंडी गठबंधन ने जिस तरह की भाषा और व्यवहार का परिचय दिया, वह लोकतंत्र के मंदिर में द्रौपदी के चीरहरण के समान था। उन्होंने कहा कि देश की महिलाएं सपा-कांग्रेस के इस अपमानजनक रवैये से आक्रोशित हैं और यह अपराध अक्षम्य है।