24 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

पीएम नरेंद्र मोदी ने सपा को बताया नारी विरोधी, कहा- मौका था गलती सुधारने का लेकिन गवां दिया

PM Narendra Modi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण बिल पर संबोधन के दौरान सपा को 'नारी विरोधी' करार दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने हमेशा देशहित के कार्यों में रोड़ा अटकाया है। इकरा हसन ने भी दिया पलटवार।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

लखनऊ

•

image

Avaneesh Kumar Mishra

•

Updated: 18 Apr 2026, 9:14 PM IST

पीएम मोदी ने सपा को बताया महिला विरोधी, PC- ANI

लखनऊ : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) पर संबोधन के दौरान समाजवादी पार्टी को नारी विरोधी बताया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के पास मौका था। अपनी गलती सुधारने का। लेकिन, सपा ने वह मौका गवां दिया नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध करके।

पीएम मोदी ने आगे कहा कि सपा राम मनोहर लोहिया के बनाए आदर्शों पर चल सकती थी। इस बिल का लोकसभा में सपोर्ट करके लेकिन सपा ने ऐसा नहीं किया। सपा ने अपनी महिला विरोधी छवि को बरकरार रखा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज रात 8.30 बजे देश के नाम संबोधन कार्यक्रम में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा की। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि विपक्ष ने देश हित में होने वाले काम में रोड़ा अटकाया। विपक्ष ने महिलाओं को उनका हक नहीं मिलने दिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा कि कांग्रेस हमेशा से देशहित के कार्यों का विरोध करती आई है। चाहे वह नोटबंदी, GST हो या अन्य सुधार हों। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विपक्षी पार्टियों पर जमकर बरसे। उन्होंने सपा से लेकर तृणमूल कांग्रेस, DMK और अन्य क्षेत्रीय पार्टियों पर जमकर निशाना साधा।

संसद में पीएम मोदी ने अखिलेश यादव को बताया था मित्र

मोदी ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे महिलाओं के सशक्तिकरण के बजाय पुरानी राजनीति में उलझे हुए हैं। यह बयान महिला आरक्षण बिल पर हो रही चर्चा के दौरान आया, जिसमें सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी मौजूद थे। पीएम मोदी ने अखिलेश यादव को 'मित्र' बताते हुए कहा कि वे कभी-कभी मदद भी कर देते हैं, लेकिन महिला आरक्षण जैसे मुद्दे पर उनका रुख निराशाजनक है।

प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि देश की नारी शक्ति अब निर्णय और नीयत दोनों देख रही है। उन्होंने विपक्ष को चेतावनी देते हुए कहा कि महिला आरक्षण का विरोध करने वालों को जनता के सामने इसका जवाब देना पड़ेगा।

सपा सांसद इकरा हसन ने दिया था यह बयान

सत्ता पक्ष के लोग शायद जागरूक नहीं है क्योंकि महिला आरक्षण के विरोध में आज वोटिंग थी ही नहीं। जो 2023 का नारी शक्ति वंदन अधिनियम है वह आज भी बरकरार है, उसके संबंध में जो संशोधन ये लाए थे, जिसमें ये परिसीमन करना चाहते थे… वह विफल हुआ है। हम नहीं चाहते कि महिलाओं का नाम लेकर भाजपा अपनी राजनीतिक रोटी सेके… अगर सरकार की नीयत सही है तो 543 सीटों पर ही 33% आरक्षण लागू करें…'